ओबरा/सोनभद्र. @सौरभ गोस्वामी…..

स्थानीय ॐ श्री सदाशिव महादेव मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कथा व्यास माधवाचार्य पं. महेशदेव पांडेय ने अपनी वाणी से भगवान शिव और माता सती के दिव्य प्रसंगों का सजीव वर्णन किया।कथा की शुरुआत मुख्य यजमान पं प्रमोद चौबे ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन और आरती कर किया।
दूसरे दिन की कथा का महत्व बताते हुए व्यास जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि साक्षात श्री कृष्ण का विग्रह है। इसके श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।शिव -सती प्रसंग और भक्ति का महत्व पर व्यास जी ने सती चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे माता सती ने मोहवश भगवान राम की परीक्षा ली और अंततः उन्हें आत्मदाह करना पड़ा।
उन्होंने समझाया कि भक्ति में संदेह का कोई स्थान नहीं होता। जब जीव भगवान पर संदेह करता है, तो उसका पतन निश्चित है। इसके पश्चात भगवान शिव के वैराग्य और उनकी अटूट भक्ति का वर्णन सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।समाज के लिए पं महेश देव पांडेय ने वर्तमान समय में संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जिस घर में भागवत कथा और संतों का आगमन होता है, वहां दरिद्रता और कलह कभी वास नहीं करती। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया।
कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे। पूरा क्षेत्र सच्चिदानंद भगवान की जय के जयकारों से गुंजायमान रहा।