विण्ढमगंज/सोनभद्र. @आनन्द गुप्ता……

दिल में तमन्ना है कुछ कर दिखाने की अब… ओडिशा के बलांगीर से निकली आस्था की यात्रा: प्लंबर का काम करने वाले युवक ने कंधों पर उठाया 20 किलो का बैग, नेपाल के पशुपतिनाथ तक पैदल यात्रा का है जुनून
आस्था, संकल्प और आत्मबल की एक अनोखी मिसाल ओडिशा के बलांगीर जिले से सामने आई है। 35 वर्षीय एक युवक, जो पेशे से प्लंबर का काम करता है, ने देश-विदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की पैदल यात्रा का कठिन संकल्प लिया है। यह यात्रा 14 अप्रैल 2025 को बलांगीर से प्रारंभ हुई थी, जो अंततः नेपाल स्थित विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में समाप्त होगी।
अब तक यह यात्री 8 ज्योतिर्लिंग और 2 धामों के दर्शन कर चुका है, जबकि अभी 4 ज्योतिर्लिंग और 2 धाम शेष हैं। फिलहाल वह झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर पैदल यात्रा कर रहा है। पूरी यात्रा के दौरान वह लगभग 20 किलो का सामान भरा बैग अपने कंधों पर लेकर चल रहा है।
इस तीर्थयात्रा की खास बात यह है कि इसे किसी संस्था या बड़े सहयोग के बिना, पूरी तरह अपने बलबूते पर पूरा किया जा रहा है। अब तक वह इस यात्रा में करीब 1 लाख रुपये खर्च कर चुका है, जो उसने अपने मेहनत की कमाई से जोड़े हैं।
यात्री का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन और जीवन के उद्देश्य को समझने का माध्यम है। कठिन मौसम, लंबी दूरी और शारीरिक थकान के बावजूद उसका उत्साह और विश्वास अडिग बना हुआ है।
स्थानीय लोग और रास्ते में मिलने वाले श्रद्धालु उसकी इस तपस्वी यात्रा की सराहना कर रहे हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सच्चा संकल्प किसी भी सामान्य व्यक्ति को असाधारण बना सकता है।