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Jammie Booker Disqualified | Jammie Booker News- टाइटल छीना, स्पॉन्सर ने भी तुरंत निकाला! वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन के साथ हुआ बड़ा खेल, किस चीज पर पर छिड़ा विवाद?

Admin by Admin
November 26, 2025
in खेल
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Jammie Booker Disqualified | Jammie Booker News- टाइटल छीना, स्पॉन्सर ने भी तुरंत निकाला! वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन के साथ हुआ बड़ा खेल, किस चीज पर पर छिड़ा विवाद?
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Jammie Booker Disqualified: दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ताकत वाली महिला प्रतियोगिता में ऐसा विवाद खड़ा हो गया है. इस विवाद ने खेल जगत को झकझोर दिया है. अमेरिका की जेमी बुकर ने इस वर्ष ‘वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन’ का खिताब जीत लिया था. लेकिन केवल दो दिनों में ही उनसे यह सम्मान वापस ले लिया गया. वजह आयोजकों का दावा कि जेमी जन्म से पुरुष थीं और यह जानकारी प्रतियोगिता शुरू होने से पहले घोषित नहीं की गई.

घटना यहीं नहीं रुकी. स्पॉन्सर कंपनी ने भी तुरंत उनके साथ अपना अनुबंध समाप्त कर दिया. दूसरी ओर प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहीं ब्रिटेन की एंड्रिया थॉम्पसन को अब “असली विजेता” मानने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस पूरी घटना ने महिला वर्ग की निष्पक्षता, नियमों और पहचान को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

टेक्सास के अरलिंग्टन शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में जेमी बुकर ने शानदार प्रदर्शन किया. मेडल वितरण समारोह के दौरान ही माहौल गरम हो गया. एंड्रिया थॉम्पसन मंच से उतर गईं और कैमरे में साफ सुना गया कि वे कह रही हैं यह सब गलत है. इसके बाद खिलाड़ियों के बीच चर्चा शुरू हुई कि क्या जेमी ने अपनी जन्म-आधारित पहचान घोषित की थी या नहीं. आयोजकों को जब पुराने ऑनलाइन वीडियो और कथित बयान मिले, तब तुरंत जांच शुरू कर दी गई.

एंड्रिया थॉम्पसन को विजेता मानने की प्रक्रिया जारी है. (फोटो Instagram)

आयोजकों ने क्या कहा?

प्रतियोगिता समिति ने आधिकारिक बयान में कहा, हमें जानकारी मिली कि महिला वर्ग में हिस्सा लेने वाली प्रतिभागी जन्म से पुरुष थीं. अगर यह सूचना पहले दी जाती तो उन्हें महिला श्रेणी में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलती. नियम स्पष्ट हैं प्रतिभागी अपने जन्म के आधार पर निर्धारित वर्ग में ही खेल सकते हैं. इसी आधार पर उन्हें प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया.

क्या-क्या हुआ?

  • जेमी बुकर ने महिला वर्ग का खिताब जीता.
  • मंच पर ही खिलाड़ियों ने विवाद का संकेत दिया.
  • आयोजकों को पुराने वीडियो मिले जिनमें जेमी ने खुद को ट्रांस महिला बताया था.
  • उनसे संपर्क करने की कोशिश हुई, कोई जवाब नहीं मिला.
  • खिताब रद्द करके स्थान बदल दिए गए.
  • प्रतियोगिता जगत में भारी असंतोष शुरू हुआ.

एंड्रिया थॉम्पसन को विजेता घोषित करने की तैयारी

कई पूर्व विजेताओं, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने एंड्रिया थॉम्पसन को सच्ची विजेता कहा है. तीन बार की चैंपियन रेबेका रॉबर्ट्स ने लिखा-

यह किसी की पहचान का मामला नहीं है. लेकिन महिला वर्ग को सुरक्षित और निष्पक्ष रखना ज़रूरी है. ताकत से जुड़े खेलों में जन्म-आधारित फर्क बहुत मायने रखता है.

उनकी यह टिप्पणी दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई.

यह विवाद केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है. (फोटो Instagram)

स्पॉन्सर कंपनी ने भी तोड़ा संबंध

जेमी बुकर के प्रमुख स्पॉन्सर ने कहा-

हम किसी की पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं करते. लेकिन प्रतियोगिता से जुड़ी आवश्यक जानकारी छुपाना खेल के नियमों और अनुशासन का उल्लंघन है. इसी कारण हम तुरंत उनसे नाता समाप्त कर रहे हैं.

यह बयान सामने आते ही विवाद और गहरा गया.

आलोचकों के मुख्य तर्क

  1. ताकत आधारित खेलों में जन्म से जुड़े शारीरिक अंतर बेहद प्रभावी होते हैं.
  2. महिला श्रेणी की सुरक्षा और निष्पक्षता सर्वोपरि होनी चाहिए.
  3. पहचान का सम्मान जरूरी है, लेकिन नियम पारदर्शी हों.
  4. आयोजकों को पहले ही जांच करनी चाहिए थी.
  5. खिलाड़ियों पर भी सही जानकारी देने की जिम्मेदारी होती है.

विवाद के बाद किसने क्या कदम उठाया

पक्ष उठाया गया कदम टिप्पणी
प्रतियोगिता समिति जेमी बुकर को अयोग्य घोषित किया जन्म-आधारित नियम लागू
एंड्रिया थॉम्पसन मंच से उतरीं नाराजगी जताई अब विजेता मानने की प्रक्रिया
स्पॉन्सर कंपनी अनुबंध समाप्त किया जानकारी छुपाई गई का आरोप
पूर्व चैंपियन प्रतिक्रिया देकर समर्थन दिया महिला वर्ग की सुरक्षा जरूरी
जेमी बुकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयोजकों का दावा-संपर्क नहीं हुआ

क्या महिला खेलों के नियम बदलेंगे?

यह विवाद केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है. स्ट्रेंथ-आधारित महिला खेलों में लंबे समय से यह सवाल उठ रहा है कि क्या जन्म से पुरुष रहे खिलाड़ी महिला वर्ग में खेल सकते हैं? कई विशेषज्ञ इसे बेहद संवेदनशील विषय बताते हैं एक ओर पहचान और सम्मान का सवाल है. दूसरी ओर निष्पक्षता और महिला खेलों के अस्तित्व का. इस घटना ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में खेल संगठनों को स्पष्ट नियम बनाने होंगे.



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