घोरावल/सोनभद्र. @विजय अग्रहरी……

उपजिलाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आशीष त्रिपाठी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया में मतदाताओं का एन्यूमरेशन फॉर्म के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। इसमें मतदाता का विवरण प्रिंटेड आता है। इस फार्म पर नए फोटो के लिए स्थान बनाया गया है। इसमें बड़ी सरलता से जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, माता का नाम एवं पिता के नाम का अंकन करके भरा जा सकता है। यही चार सूचनायें अनिवार्य एवं आवश्यक है।
अन्य सभी सूचनाये वैकल्पिक हैं। आधार कार्ड, एपिक कार्ड यदि उपलब्ध हैं तो भरे जाएं अथवा उनके अभाव में भी एन्यूमरेशन फॉर्म भरा जा सकता है। यदि किसी मतदाता की मैपिंग पूर्व से ही 2003 की सूची के साथ हो चुकी है तो उसको और आसानी से भरा जा सकता है। जिस मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं था लेकिन उसके माता-पिता का नाम अथवा दादा दादी का नाम 2003 की सूची में था ऐसे मतदाताओं को प्रोजेनी मतदाता के रूप में चिन्हित किया गया है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का समस्त कार्य मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है।फॉर्म को स्कैन करके अपलोड किया जा रहा है मतदाताओं जिसमें से प्रथम कैटिगरी 2003 में नाम का अंकन होना है ।दूसरा 2003 की सूची में मतदाता के किसी रिश्तेदार का नामांकित होना है और तीसरी कैटेगरी में वह मतदाता आएंगे जिनके स्वयं का नाम 2003 की सूची में अंकित नहीं है और न ही उनके माता-पिता का नाम अंकित है।निर्वाचन संबंधी इस कार्य का पर्यवेक्षण निर्वाचन आयोग एवं जिलाधिकारी द्वारा लगातार किया जा रहा है।
इसकी रिपोर्ट प्रति 2 घंटे पर अपडेट होती है। जिन बीएलओ का कार्य 20% से कम सोमवार तक पाया जाएगा उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उनके विभाग अध्यक्ष को प्रेषित की जाएगी।अत्यंत कम कार्य करने वाले बी एल ओ एवं ड्यूटी पर लगाए गए अन्य कार्मिक ड्यूटी पर अनुपस्थित होने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने हेतु पत्र भी प्रेषित किया जाएगा।
सभी मतदाताओं से अनुरोध है कि वह बढ़-चढ़कर इस कार्य में हिस्सा लें और बी एल ओ के माध्यम से एवं उसके साथ कार्य कर रही टीम के माध्यम से इस कार्य को जन भागीदारी एवं जन सहयोग के माध्यम से पूर्ण कराकर भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करें।