रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा…..

अभय फाउंडेशन के तत्वावधान में रेणुकूट अतिथि गृह के प्रांगण में शनिवार को “दिर्घायु” वरिष्ठ नागरिक संगठन की मासिक बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। बैठक में बड़ी संख्या में वरिष्ठजन शामिल हुए और आपसी संवाद, अनुभव-साझा करने व सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया गया। बैठक की अध्यक्षता राजकीय इंटर कालेज के सेवानिवृत्त शिक्षक राजनाथ मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र किसी कमजोरी का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुभव की पूँजी है। वरिष्ठ नागरिक समाज की दिशा तय करने वाले मार्गदर्शक होते हैं, अतः उनके सम्मान और सक्रिय भागीदारी का विषय हमेशा प्राथमिकता पर रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के प्रबंधक अभय भार्गव ने वरिष्ठजनों को संबोधित करते हुए कहा कि दीर्घायु जीवन का मूल मंत्र मन की प्रसन्नता, सामाजिक जुड़ाव और सक्रिय जीवनशैली में छिपा है। उन्होंने कहा कि “हँसी, संवाद और सकारात्मक सोच उम्र को स्वस्थ और उमंगपूर्ण बनाती है। वरिष्ठजन जितने अधिक सक्रिय और जुड़े हुए रहेंगे, उतनी ही उनकी जीवन-ऊर्जा प्रखर बनी रहेगी।” इसी क्रम में अर्जुन सिंह ने सक्रियता और सामूहिकता पर बल देते हुए कहा, “साथ चलें, स्वस्थ रहें। हर दिन नई उमंग—यही है वरिष्ठों की तरंग।” उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ हमें खुद को सीमित करने के बजाय, अपने अनुभवों से नई पीढ़ी को प्रेरित करना चाहिए।

कार्यक्रम में लल्लन गुप्ता ने उत्साहपूर्ण शायरी सुनाकर माहौल को आनंदमय बना दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर वरिष्ठजन खूब देर तक तालियाँ बजाते रहे, जिससे पूरे परिसर में खुशगवार वातावरण बना रहा। बैठक में अवधेश शुक्ला, नईम गाजीपुरी, शंकर सोनी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अपने अनुभव, सुझाव और जीवन के प्रेरक प्रसंग साझा किए। वक्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने, नए सदस्यों को जोड़ने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य, मनोरंजन और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
अंत में सदस्यों ने आग्रह किया कि इस प्रकार की बैठकों और मिलन कार्यक्रमों को समय-समय पर निरंतर जारी रखा जाए, ताकि वरिष्ठ नागरिकों में उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता बनी रहे।