Who is Paige Calendine: दुनिया में प्रेरणा की कई कहानियां हैं, लेकिन कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो सिर्फ संघर्ष नहीं करते, बल्कि अपने संघर्ष की परिभाषा बदल देते हैं. अमेरिका के ओहियो राज्य की रहने वाली पेज कैलेंडाइन (Paige Calendine) ऐसी ही एक कहानी हैं जिनका जन्म पैरों के बिना हुआ. लेकिन उन्होंने अपनी सीमाएं खुद तय कीं, दुनिया से नहीं तय होने दीं. आज पेज सिर्फ एक एथलीट नहीं, बल्कि लाखों बच्चों और परिवारों के लिए उम्मीद, साहस और न हारने वाले जज्बे का नाम बन चुकी हैं.
पेज की कहानी साबित करती है कि किसी भी इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसका शरीर नहीं, उसकी इच्छा शक्ति होती है. 18 महीने की उम्र से जिम्नास्टिक, फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना हुआ नाम, और आज एक प्रेरक युवा चेहरा. पेज की यात्रा बताती है कि ‘अलग होना कमजोरी नहीं, एक नई शुरुआत भी हो सकता है.’
कौन हैं पेज कैलेंडाइन?
पेज कैलेंडाइन का जन्म बिना पैरों के हुआ. उनकी मां, हाइडी ने 16 जून 2011 को अपनी बेटी को पहली बार देखा और वही पल था जब उन्होंने तय कर लिया कि पेज को दुनिया की हर संभावित ताकत, अवसर और आत्मविश्वास मिलेगा. इसी सोच के साथ उन्होंने 18 महीने की उम्र में पेज को जिम्नास्टिक में डाल दिया. क्योंकि ऊपरी शरीर को मजबूत करना जरूरी था. हाइडी के शब्दों में, “दूसरे बच्चों के लिए जो खेल था वह हमारे लिए वह भविष्य की तैयारी थी.” पेज ने जिम्नास्टिक को न सिर्फ अपनाया, बल्कि खेल ने जिस तरह कभी उसके लिए बदलाव नहीं किया, उसने खेल को खुद बदल दिया.

जन्म से शारीरिक चुनौती, लेकिन कभी बहाना नहीं बनाया. (फोटो Instagram)
जिम्नास्टिक्स में पेज की उड़ान
पेज खुद को हमेशा “बाकी बच्चों जैसा ही” मानती हैं. न कोई अलगपन, न कोई कमी बस एक एथलीट, जो कड़ी मेहनत करती है. उनका आत्मविश्वास और सीखने की गति इतनी तेज थी कि कोच कहते हैं, “पेज ने खेल के हिसाब से खुद को एडजस्ट नहीं किया, खेल को अपने हिसाब से एडजस्ट करा लिया.”
पेज की सबसे बड़ी उपलब्धियां
उनकी प्रेरक कहानी में कई अहम पड़ाव रहे-
- राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और अनेक मेडल
- पैरा-जिम्नास्टिक के प्रचार के लिए आमंत्रण
- 2024 ओलंपिक ट्रायल्स में विशेष मेहमान के रूप में शामिल होना
- नेली किम और एली रैसमैन जैसे दिग्गजों से मुलाकात
- प्रेरक भाषणों के लिए देशभर में पहचान
इन पड़ावों ने पेज की यात्रा को सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें एक वैश्विक प्रेरक की आवाज भी बना दिया.
उनकी यात्रा क्यों खास है?
- जन्म से शारीरिक चुनौती, लेकिन कभी बहाना नहीं बनाया.
- 18 महीने की उम्र से खेल में खुद को साबित किया.
- छोटी उम्र में राष्ट्रीय पहचान हासिल की.
- आगे बढ़ने के लिए दर्द और कठिनाइयों के बावजूद जिम्नास्टिक नहीं छोड़ा.
- खेल छोड़ने के बाद भी जीवन को नई दिशा कोचिंग और नए खेल से दी.
पेज का प्रभाव: जिम्नास्टिक से आगे
उनकी कहानी दुनिया तक पहुंची बिल्ट डिफरेंट नाम की 41 मिनट की डॉक्यूमेंट्री से, जो अब प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक बच्ची ने अपने डर को ताकत में बदला और दूसरों के लिए प्रेरणा बनी. आज जब जिम्नास्टिक से दूरी बनानी पड़ी क्योंकि शरीर को दर्द होने लगा पेज ने खुद को नए खेलों में आजमाया. वह आज चीयर, फुटबॉल, बास्केटबॉल और स्विमिंग टीमों का हिस्सा हैं.

अपने पुराने जिम में छोटे बच्चों को ट्रेनिंग देती हैं. (फोटो Reuters)
पेज की दुनिया: सिर्फ एथलीट नहीं, अब एक कोच और भविष्य की डॉक्टर
वे अपने पुराने जिम में छोटे बच्चों को ट्रेनिंग देती हैं. उनकी इच्छा है, “मैं पेडियाट्रिशन बनना चाहती हूं क्योंकि मैं बच्चों के साथ बहुत अच्छा कनेक्ट करती हूं.” उनकी मां कहती हैं, “बच्चे खुद उसकी तरफ खिंचे चले आते हैं. वह जो कर पाती है, वह सिर्फ हिम्मत से नहीं, दिल से करती है.”
| फैक्ट | डिटेल्स |
|---|---|
| जन्म | बिना पैरों के जन्म |
| शुरुआत | 18 महीने में जिम्नास्टिक |
| राष्ट्रीय पहचान | ओलंपिक ट्रायल्स में विशेष आमंत्रण |
| डॉक्यूमेंट्री | Built Different (Prime Video) |
| वर्तमान | कोचिंग + कई खेलों में सक्रिय |
| सपना | पेडियाट्रिशन बनना |
क्यों हर कोई करता है पेज को सलाम?
क्योंकि पेज की कहानी एक संदेश देती है, “चुनौतियां आपको रोकती नहीं, आपकी दिशा बदलती हैं.” उन्होंने दुनिया को यह सिखाया कि शरीर की सीमाएँ आपको नहीं रोकतीं, अगर विश्वास और मेहनत आपके साथ हो.
