@जे0के0/सोनभद्र……
__बीते शनिवार की दोपहर ढाई बजे के करीब पहाड़ धसकने से हुआ हादसा

__मौके पर काम कर रहे थे सोलह मजदूर, प्रत्यक्षदर्शी ने बताई उस दिन की घटना
__हादसे के बाद मुआवजे का लगाया गया मरहम

SONBHADRA । पिछले तीन दिनों से पत्थर की खदान में मजदूरों के दबने के बाद जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया है, बता दे कि बीते शनिवार की दोपहर के बाद खदान में बड़ी चट्टान के ढहने के बाद से जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था, जिसे 72 घंटे लगातार आपरेशन चलने के बाद मंगलवार दोपहर बंद कर दिया गया।
घटना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने इसकी घोषणा की। डीएम ने बताया कि हादसे के बाद मंगलवार से ही रेस्क्यू चलाया जा रहा था, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने काफी प्रयास किया और मलबे से कुल सात शवो को बरामद किया, एक बड़े पत्थर की वजह से ऑपरेशन में देरी हुई, सभी शवो का पोस्टमार्टम करा कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।

एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है लेकिन अभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी नही हुई है।
हादसे के चस्मदीद ने बताई आपबीती : – घटना वाले दिन काम कर रहे कांता प्रसाद जो ड्रिल कर रहा था ने बताया कि उस दिन उसकी इच्छा काम करने की नहीं हो रही थी, वह काम अधूरा छोड़कर ही कमरे पर चला गया था लेकिन ठेकेदार राहुल तिवारी के दबाव डालने पर वह दोबारा काम करने पहुंचा था, घटना का आभास होते बिना तनिक देर किए किसी तरह कांता खदान से ऊपर निकल गया और पहाड़ नीचे धसक गई। कांता प्रसाद ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मैं अभी आपके बीच में हूं।

घटना के समय से अब तक इन जन प्रतिनिधि और अधिकारियों का रहा दौरा :– जिस तरह से शनिवार दोपहर 2:30 बजे के बाद यह घटना चर्चा में आया उसके बाद से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था, जिले के आलाधिकारी घटना स्थल की ओर दौड़े, सूचना मंडलायुक्त और डीआईजी को दी गई, पुलिस विभाग के एडीजी जोन घटना स्थल पर कैंप कर नजर बनाए हुए थे, जिले के प्रभारी मंत्री, और श्रम मंत्री ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

हादसे के बाद मुआवजे का लगाया गया मरहम :- घटना के बाद जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र कुमार जायसवाल ने मीडिया को बताया कि घटना दुखद है, इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है, परिवार को आर्थिक मदद के लिए 20.55 लाख प्रत्येक पीड़ित परिवार को दिया जाएगा।

खोजी कुत्तो ने बची जिंदगी की सांस को ढूंढने का किया प्रयास :- हादसे के समय और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने के दौरान भी एनडीआरएफ टीम ने साथ खोजी कुत्तों ने दबे लोगों की तलाश की, तूने रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने के वक्त आखिरी दौर में भी खोजी कुत्तों से सभी जगह ढूंढने का प्रयास किया गया उसके बाद ऑपरेशन को समाप्त घोषित कर दिया गया।
