@जे0के0/सोनभद्र…….
“जैसे ही आपको लगता है कि पैसा एकाउंट से चला गया है, फ्रॉड हो गया है तो तुरंत आप 1930 पर अपनी जानकारी नोट कराए”– अभिषेक वर्मा,ips

__समय रहते पुलिस से जानकारी साझा करें, पुलिस आपकी बनेगी सारथी
__धोखाधड़ी का शिकार हुए धीरज जायसवाल के 1,88,127 रूपये को सफलतापूर्वक कराया वापस
SONBHADRA । चोपन थाना की साइबर टीम ने धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति के ₹1,88,127/- (एक लाख अठ्ठासी हजार एक सौ सत्ताइस रुपये) सफलतापूर्वक वापस कराए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की धनराशि की रिकवरी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
चोपन निवासी धीरज जायसवाल पुत्र नागेन्द्र जायसवाल के साथ यह धोखाधड़ी हुई थी। अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को आरटीओ अधिकारी बताकर लाइसेंस बनवाने के नाम पर ₹5 का भुगतान करने के लिए एक लिंक भेजा। इस लिंक पर क्लिक करते ही धीरज जायसवाल के बैंक खाते से ₹1,89,500/- (एक लाख नवासी हजार पांच सौ रुपये) निकाल लिए गए।
घटना की सूचना मिलने पर थाना चोपन की साइबर टीम ने तुरंत कार्रवाई की। टीम ने आवेदक से आवश्यक जानकारी और ट्रांजैक्शन से संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए और साइबर पुलिस पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में साइबर टीम ने तत्परता से जांच की।
टीम ने NCRP पोर्टल का अवलोकन कर धोखाधड़ी की गई धनराशि को मेहसाणा (गुजरात), मोतिहारी (बिहार), दिल्ली, महाराष्ट्र, विशाखापत्तनम (आंध्रप्रदेश) और इंदौर (मध्यप्रदेश) स्थित विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराया। इसके बाद, NCRP पोर्टल से साक्ष्य संकलित किए गए और संबंधित बैंक शाखाओं को ईमेल के माध्यम से पत्राचार कर धनवापसी की प्रक्रिया पूरी की गई।
परिणामस्वरूप, धोखाधड़ी की गई कुल धनराशि में से ₹1,88,127/- (एक लाख अठ्ठासी हजार एक सौ सत्ताइस रुपये) आज दिनांक 08.11.2025 को धीरज जायसवाल के मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार उपस्थित रहे। इस सफल अभियान में प्रभारी निरीक्षक, थाना चोपन, कुमुद शेखर सिंह और साइबर हेल्प डेस्क, थाना चोपन के कांस्टेबल सुनील रावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वही पूरा पैसा वापस पाने के बाद आवेदक धीरज जायसवाल ने पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक एवं थाना चोपन के प्रभारी निरीक्षक और साइबर टीम की प्रशंसा की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि हाल फिलहाल में साइबर क्राइम की घटना बढ़ी है। इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय जागरूकता है। हाल ही में एक मामला चोपन थाना में आया था वादी धीरज जायसवाल ने बताया कि आरटीओ डिपार्टमेंट का बनकर उनसे फ्रॉड किया गया है। ₹5 का मोबाइल में लिंक भेज करके लगभग 189000 बैक खाते से गायब कर दिया गया था।
जैसे यह घटना की जानकारी धीरज जायसवाल की हुई तो उन्होंने चोपन थाना में आकर साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते कार्रवाई करते हुए 1930 पर एनसीआर पोर्टल के माध्यम से इनका जो पैसा था उसको ब्लॉक कराया। चार किस्तों में लगभग पूरा 100% पैसा वादी को दिला दिया गया है। एसपी ने कहा 1930 या एनसीआर पोर्टल पर अगर आप साइबर अपराध होने पर 24 घंटे के अंदर शिकायत कर देते है तो पूरा पैसा वापस हो सकता है।
>>पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की है कि जैसे ही आपको लगता है कि पैसा अकाउंट से चला गया है, फ्रॉड हो गया है तो तुरंत ही आप 1930 पर अपनी जानकारी नोट कराये एवं निकटतम थाने के साइबर सेल में आप संपर्क करें। 20-21 सितंबर को धीरज जायसवाल के साथ फ्रॉड हुआ था साइबर सेल ने बैंक से संपर्क करके पैसे को होल्ड कराया और कार्रवाई करते हुए चार किस्तों में इनका पूरा पैसा वापस कराया।