चोपन/सोनभद्र. @कृपा शंकर पांडेय……

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने लंबित भुगतान और प्रोत्साहन राशि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। आल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति के बैनर तले इन कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को दोहराया।
कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बकाया मानदेय का भुगतान, अन्य लंबित भुगतानों को जारी करना और ऑनलाइन भुगतान में पारदर्शिता शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दस्तक/संचारी रोग अभियान के लिए ₹2000 की प्रोत्साहन राशि की भी मांग की।

आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने बताया कि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक का उनका बकाया मानदेय/भुगतान अभी तक पूरी तरह से जारी नहीं किया गया है। विशेष रूप से, जुलाई, अगस्त और सितंबर 2025 महीनों का मानदेय लंबित है, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
इसके अलावा, ABHA कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड बनाने और सी-बैक (C & Back) फॉर्म भरने जैसे महत्वपूर्ण अतिरिक्त कार्यों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है।
कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि प्रत्येक जिले पर उपलब्ध होने वाले 78 मदों के वाउचर भी आशा कार्यकर्ताओं को अभी तक नहीं दिए गए हैं। उन्हें दिए गए मोबाइल फोन भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपना कार्य बहिष्कार जारी रखेंगी। ब्लॉक कोषाध्यक्ष मीरादेवी ने बताया कि उन पर काम का बहुत दबाव है और एक काम पूरा होने से पहले ही दूसरा तैयार हो जाता है।
मुन्नी माथुर ने कहा कि उन्हें एकमुश्त मानदेय दिया जाए और राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अधीक्षक को ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि अधीक्षक सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन उच्च अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं।