कोन/सोनभद्र. @मिथिलेश जायसवाल…

अब इसे आस्था कहें या अन्धविश्वास या फिर चमत्कार …. कोन थाना क्षेत्र के मिश्री गांव मे स्थित बेचू बीर धाम पर इन दिनों भूत प्रेतों का मेला लगा हुआ है.स्थानीय लोग बताते है कि यहां कई वर्षो पूर्व स्थापित इस धाम पर आने से प्रेतात्माओं से मुक्ति मिल जाती है।वैसे तो यहां प्रतिदिन प्रेत भूत से पीड़ित लोग आते रहते हैं, जबकि चैत्र व कार्तिक मास के नवमी से एकादशी तक यहां तीन दिवसीय मेला लगता है।
जिसे आम तौर पर भूतों का मेला कहा जाता है।इस मेले झारखण्ड व छत्तीसगढ़ प्रांत समेत आस पास के गावों के लोग भूत प्रेत से मुक्ति के लिए यहां आते हैं।यहां की पुजारिन जब बेचू बीर बाबा के छड़ी से किसी के सर को छूती है तो यदि उस पर कोई भूत प्रेत का साया होता है तो वो वहीं पर झबुआने लगती है जिसे बोल चाल की भाषा मे भूत खेलना कहा जाता है।

स्थानीय लोगो की माने तो इस धाम पर सबसे अधिक भीड़ उन लोगों की लगती है जिन्हे प्रेत बाधा के चलते संतान उत्पत्ति नहीं होती,हजारों निःसंतान लोग इन बेचूबीर बाबा के कृपा से संतान प्राप्त कर चुके हैं।जो भी हो अब इसे अन्धविश्वास कहें या दिव्य शक्ति का चमत्कार यह समझ से परे है ,लेकिन यह तीन दिवसीय मेला क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना रहता है।