अनपरा/सोनभद्र. @उमेश सिंह….
__ताप प्रबंधन के एतराज के बाद शिव मंदिर छठ घाट का निकाय ने नहीं निकाला टेंडर
__आपसी सहयोग से लगा अस्थायी चेंजिंग रूम व टेंट

अनपरा नगर पंचायत क्षेत्र के तापीय परियोजना परिसर के शिव मंदिर वार्ड नंबर 10 गांधी नगर में लोक एवं आस्था के महापर्व छठ पूजा के पथ- प्रकाश, सजावट, साफ-सफाई, अस्थायी चेंजिंग रूम, पोन्टिंग ,अन्य आवश्यक कार्य के लिए इस वर्ष नगर पंचायत की ओर से 11 विभिन्न स्थानों पर छठ पूजा हेतु 22 लाख 82 हजार 712 रुपये निविदा जारी किया गया हैं।
लेकिन ताप प्रबंधन के एतराज के बाद इस बार वार्ड 10 गांधी नगर में स्थित शिव मंदिर छठ घटा का टेंडर निकाय नहीं किया जिससे छठ व्रती महिलाओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा प्रबन्धन के इस तरह के तुगलकी फरमान से व्रती महिलाओं में भारी नाराजगी देखने को मीली।
हालाकि आपसी सहयोग से छठ घाट पर व्रती महिलाओं के लिए अस्थायी चेंजिंग रूम,टेंट व पथ प्रकाश की व्यवस्था की गई। वार्ड की सभासद जुलेखा बानो ने डीएम व अपर जिलाधिकारी राजस्व व वित्त को छठ पर्व के दिन अनपरा नगर पंचायत में छठ पूजा में सरकारी धन के बंदरबांट व अनियमितता को लेकर पत्राचार किया है।अब सवाल यह है कि क्या सभासद ने जब छठ पर्व देशभर में मनाया जा रहा है तो आज पत्राचार कर आखिर क्या जताना चाह रही है ?

जबकि नगर पंचायत द्वारा बीते 6 अक्टूबर को ही निविदा निकाली जा चुकी है।सवाल यह है कि क्या सभासद को नगर पंचायत द्वारा निकाले गये निविदा की जानकारी नहीं थी? सभासद का कहना है कि वार्ड नं 10 में लगातार टेंडर किया जाता रहा था जहां सैकड़ों श्रद्धालु व्रती महिलाओं द्वारा पूजा किया जाता है।इस बार वार्ड का निविदा न निकालना नपं सौतेला व्यवहार कर रहा है।
नपं अध्यक्ष विश्राम प्रसाद ने बताया कि पिछले वर्ष इस वार्ड में नियमानुसार निविदा निकाली जाती थी लेकिन अनपरा तापीय परियोजना प्रबंधन के द्वारा पत्राचार कर परियोजना की भूमि पर अनुमति वगैर निविदा व अन्य किसी तरह का कार्य करने को रोक लगाई हैं।जिस कारण इस वर्ष संबंधित वार्ड में टेंडर नहीं निकाला गया।
सामाजिक कार्यकर्ता एतारामूलक हक व अन्य ने गत वर्ष इस छठ घाट के टेंडर का विरोध जताया और कहा कि समिति ने साफ-सफाई व डेटिंग पेंटिंग का कार्य कराया जब कार्य हो चुका तब टेंट के नाम लाखों रुपए का टेंडर कर सरकारी धनो का बंदरबाट का आरोप लगाकर आक्रोश व्यक्त किया था।
जिस कारण इस वर्ष निकाय इस छठ घाट का निविदा नही निकाला सभासद द्वारा इस तरह से पत्राचार कर क्या जताने का प्रयास किया जा रहा है? जबकि टेंडर प्रक्रिया बीते 6 अक्टूबर को ही संपन्न हुई।आज पूरे देशभर में छठ पूजा का पर्व मनाया जा रहा है तो ऐसे में भ्रष्टाचार व दोयम दर्जे का व्यवहार कैसे माना जाए।
सवाल यह है कि नपं ताप प्रबंधन व सभासद के बीच खींचतान से श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे ही छठ पर्व मनाने को विवश हैं। जिसे लेकर छठ व्रती महिलाओं में आक्रोश देखने को मिला।आज किसी समाजसेवी द्वारा घाट पर टेंट लगवाया गया है जो थोड़ी बहुत राहत कि बात है।
एक ओर जिम्मेदार अपने जिम्मेदारी का निर्वहन भी सही से नहीं कर रहे हैं।आखिर जनता भरोसा किस पर करें। ज्यादातर घाटों के लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से निविदा निकाली गई हैं।लेकिन वार्ड नं 10 में विरोध के कारण टेंडर नहीं निकाला जा सका