सलखन/सोनभद्र. @बद्री प्रसाद……

जिला कारागार दीपावली पर्व पर महिला और पुरुष बंदियों ने भी कारागार परिसर बैरिको में दीप प्रज्वलित कर तरह तरह रंगोलियां बना कर देव दिपावली पर्व मनाया।
जिला कारागार अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस दीपों के पर्व पर प्रत्येक बंदी की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सभी बैंरकों एवं अहातों में बंदियों ने दीपावली महापर्व को धूमधाम से मनाने के लिए कारागार में जोर-जोर से तैयारी की गई पूरे कारागार परिसर का सफाई पुताई का कार्य हुआ था जिसमें समस्त बिल्डिंग, बैरकों, गोदाम,अहाते, नालियों एवं कार्यालयों की सफाई एवं सफेदी आदि का कार्य शामिल किया गया था।
दीपावली का त्यौहार परंपरागत तरीके से दो विश्वासों पर मनाया जाता है इसमें से एक यह है कि भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद जब अयोध्या वापस आए तो जनता ने खुशी में दीप जलाकर उत्सव मनाया दूसरा विश्वास यह है कि बरसात के बाद और वातावरण में प्रदूषण खत्म करने के लिए लोग अपने-अपने घरों की सफाई याद करते हैं और दीप जलाकर वातावरण को शुद्ध करते हैं इसी विश्वास के तहत कारागार में भी दीपावली मनाने का जोर-जोर से उद्यम किया गया।
दीपावली को यादगार तरीके से बनाने के लिए संपूर्ण कारागार को दुल्हन की तरह सजाया गया था।
बंदियों द्वारा विभिन्न प्रकार की रंगोली झाड़ फानूस एवं झांकियां के द्वारा सजावट का किया गया । इसमें विभिन्न प्रकार की आकर्षक रंगोली बर्फ एवं पहाड़ का आवास देने वाली अनेक प्रकार की सजावट को शामिल किया गया था । प्रयास किया गया की सजावट के लिए केवल मिट्टी के दिए ही इस्तेमाल किया जाए तथापि आवश्यकता पड़ने पर मोमबत्ती एवं बिजली की विभिन्न प्रकार की सजावट तथा अन्य झाड़ फानूस इस्तेमाल किया गया था बंदियों के द्वारा विभिन्न प्रकार की थीम पर आधारित जैसे सांस्कृतिक, पर्यावरण समाज सुधारक एवं अन्य जानो उपयोगी रंगोलियां बनाकर उन्हें दीप मालाओं से सजाया जाएगा।