ओबरा/सोनभद्र (सौरभ गोस्वामी)…….
__युवक नौकरी से बर्खास्त

विद्युत सेवा आयोग द्वारा आयोजित भर्ती प्रक्रिया में साल्वर (दूसरे व्यक्ति) का उपयोग कर उत्पादन निगम में सरकारी नौकरी हासिल करने वाले एक परियोजना कर्मी के खिलाफ ओबरा कोतवाली में शनिवार की देर शाम विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वही नौकरी हासिल करने के लगभग ढाई साल बाद मिली शिकायत के बाद जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर आरोपी को नौकरी से निकाल दिया गया है। शिकायतकर्ता अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत विनोद कुमार पांडेय ने ओबरा पुलिस को तहरीर देकर मामले की जानकारी दिया था।
जानकारी के अनुसार मीरजापुर के चुनार तहसील के मुरकुरा अतरौली खुर्द निवासी विरेन्द्र कुमार सिंह ने विद्युत सेवा आयोग, लखनऊ की ओर से आयोजित भर्ती प्रक्रिया में सेलेक्शन व डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर टेक्निकल ग्रेड द्वितीय के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ओबरा तापीय परियोजना में बीते 22 दिसम्बर 2021 को अपना पदभार ग्रहण किया था। भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी प्रवेश पत्र विवरण के अनुसार आरोपी विरेन्द्र कुमार सिंह की सीबीटी परीक्षा बीते 14 जुलाई 2021 को नोएडा स्थित एक परीक्षा केंद्र पर आयोजित हुयी थी।
इसके उपरांत ओबरा तापीय परियोजना में टेक्निकल ग्रेड द्वितीय में नियुक्ति होने के बाद आरोपित विरेन्द्र कुमार सिंह लगभग ढाई सालों तक सरकारी नौकरी का आनन्द उठाता रहा। इस मामले में मई 2024 को विद्युत सेवा आयोग, लखनऊ को शिकायत मिली कि विरेन्द्र कुमार सिंह द्वारा अपनी भर्ती प्रक्रिया तथा डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन में स्वयं के स्थान पर साल्वर (दूसरे व्यक्ति) का इस्तेमाल किया गया था।शिकायत के पश्चात आयोग द्वारा एक जांच समिति का गठन कर मामले की तह तक जाने की कोशिश के दौरान पाया गया कि वर्तमान समय मे परियोजना के ईएमडी दितीय में कार्यरत आरोपित विरेन्द्र कुमार सिंह का बायोमीट्रिक डाटा का मिलान पूर्व में हुए सीबीटी परीक्षा में दर्ज बायोमीट्रिक डाटा से मेल नहीं खा रहा था। इससे इस पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
साथ ही आरोपित द्वारा किस तरह से अनुचित साधन व कूटरचित तरीके से साल्वर का उपयोग कर उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम में नौकरी हासिल किया। मामले में ओबरा तापीय परियोजना में विद्युत् अनुरक्षण खंड में कार्यरत अधिशासी अभियंता विनोद कुमार पांडेय की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित विरेन्द्र कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज का प्रयोग करने, जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।