बीजपुर/सोनभद्र (रामबली मिश्रा)….

बीजपुर रेणुकूट मुख्य मार्ग के नेमना चेतवा के चढ़ाई पर राख लदा हाइवा बैक होने से अनियंत्रित होकर पलट गया। दुर्घटना के पश्चात आस पास के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। घटना में चालक खलासी बाल बाल बच गए वही हाइवा क्षतिग्रस्त हो गया है।
चालक उदित पासवान ने बताया कि स्थानीय राख बंधे से शनिवार को राख लोड करके चंदौली जा रहे थे इसी बीच नेमना चेतवा पहुंचे थे कि सड़क खराब होने की वजह से चढ़ाई पर गाड़ी बैक हो गई जिससे नियंत्रण नहीं हो पाया अनियंत्रित होकर पलट गई खलासी और चालक कूद कर किसी तरह से जान बचाई।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बीजपुर से बखरिहवा तक करीब 25 किलोमीटर का सड़क वर्तमान में जगह -जगह गड्ढों में तब्दील होने के कारण दुर्घटनाएं आए दिन होते रहते है।
राखड लदी हाइवा पलटने से नमामी गंगे की एलटी तार, पोल टूट कर गिर गया जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई तत्काल विद्युत विभाग को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई गई नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बीजपुर बखरिहवा मुख्य मार्ग से हजारों की संख्या स्कूली बच्चे , कामगार रिंहद परियोजना, मध्यप्रदेश के शासन में स्थित रिलायंस सहित अन्य कंपनियों में लोग कार्य करने और विद्यार्थी स्कूल व कालेज के लिए इसी खस्ता हाल सड़क से होकर गुजरते है। 25 किलोमीटर की बदतर सड़क की दूरी तय करने में लोगो को घंटो का समय लग जाता है।
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ बिहार व झारखंड चार राज्यो को जोड़ने वाला इस मार्ग का हालत कब सुधरेगा कोई बताने वाला नही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पैचिंग का कार्य कई बार कराया गया लेकिन कुछ दिनो बाद सड़क का हाल जस का तस हो जाता है, अपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य या सुरक्षा सेवा हो तो खस्ताहाल सड़क गड्ढों में तब्दील होने के कारण समय से नही पहुंच पाते है । सरकार गढ्ढा मुक्त सड़क के लाख दावे कर ले लेकिन बीजपुर बकरिहवा मुख्य मार्ग आज भी दावे पर पानी फेर रहा है।जो कई वर्षों से गढ्ढों में तब्दील होकर बदतर स्थिति में पड़ा हुआ हैं इस सड़क के मरम्मत कराने की कोई जिम्मेदार सुधि लेने वाला नहीं है।जबकि यह सड़क अखबारों की सुर्खिया बनी रही है।
