कप्तान रोहित राजपाल ने आर्यन शाह की जगह दक्षिणेश्वर पर भरोसा जताया और चेन्नई के इस लंबे कद के खिलाड़ी ने अपने उन्हें निराश नहीं किया.उन्होंने 155वीं रैंक वाले काइम को शुरुआती एकल मुकाबले में 7-6 (4) 6-3 से शिकस्त दी. एटीपी रैंकिंग में दक्षिणेश्वर 626वें स्थान पर हैं, लेकिन उनका खेल इस कम रैंकिंग से कहीं बेहतर था.उन्होंने नेट का शानदार इस्तेमाल कर अपने प्रतिद्वंद्वी को परेशान किया. पिछले साल शीर्ष 100 में रहने के बाद अब शीर्ष 300 में बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे नागल ने मार्क-एंड्रिया ह्यूस्लर को 6-3, 7-6 (4) से हराकर डेविस कप में जीत से वापसी की जिससे भारत को पहले दिन के अंत में 2-0 की बढ़त मिली.
भारत ने पिछली बार 1993 में कान्स में किसी यूरोपीय टीम को हराया था, जब लिएंडर पेस और रमेश कृष्णन की अगुवाई में टीम ने क्वार्टर फाइनल में फ्रांस को 3-2 से हराया था. इस सदी की शुरुआत से भारत को स्वीडन (2024), डेनमार्क (2023), नॉर्वे (2022), फिनलैंड (2021), क्रोएशिया (2020), इटली (2019), सर्बिया (2018, 2011), कनाडा (2017), रूस (2010), रोमानिया (2008), स्वीडन (2005), नीदरलैंड (2003) और स्वीडन (2000) से विदेशी मैदानों में हार मिली है.
दक्षिणेश्वर और काइम के खिलाफ चौथे गेम में असहज गलतियों के कारण चौथे गेम के कारण 0-40 से पिछड़ गए. उन्होंने लगातार पांच अंक लेकर स्कोर बराबर कर दिया. दक्षिणेश्वर और काइम ने मैच की शुरुआत अच्छी की और शानदार सर्विस की. चौथे गेम में दक्षिणेश्वर ने लगातार कुछ गलतियां कीं, जिससे वह 0-40 से पीछे हो गए. उन्होंने लगातार पांच अंक हासिल कर स्कोर बराबर कर लिया. दक्षिणेश्वर की सर्विस छठे गेम में फिर से दबाव में आ गई. 30-ऑल के स्कोर पर, उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी के बैकहैंड पर लगातार हिट किया और एक बैकहैंड विनर के साथ गेम जीत लिया. दूसरी ओर, काइम की सर्विस उतनी तेज नहीं थी, लेकिन वह सही जगह पर हिट करके आगे बढ़ते रहे.
दक्षिणेश्वर ने अब नेट के करीब आकर खेलना शुरू किया, जिससे मैच में बहुत फ़र्क पड़ा. पहले सेट में कोई ब्रेक नहीं हुआ और यह सेट टाई-ब्रेकर से तय हुआ. दक्षिणेश्वर ने फोरहैंड शॉट से 5-3 की बढ़त बना ली. मैच की सबसे लंबी रैली में काइम का शॉट नेट पर लग गया, जिससे दक्षिणेश्वर को दो सेट पॉइंट मिले. उन्होंने पहला मौका गंवा दिया, लेकिन बैकहैंड लॉब से दूसरा सेट पॉइंट जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया. दूसरे सेट के पांचवें गेम में काइम को पहली बार ब्रेक का मौका मिला. दक्षिणेश्वर ने एक सर्विस रिटर्न को यह सोचकर छोड़ दिया कि गेंद बाहर जाएगी, लेकिन वह लाइन पर गिरी. दक्षिणेश्वर ने इस ब्रेक पॉइंट को बचा लिया और मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी.
दक्षिणेश्वर को अपनी अगली सर्विस में और भी ब्रेक पॉइंट का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने ज़ोरदार सर्विस से इसका बचाव किया। उन्होंने काइम की सर्विस को ब्रेक किया और 5-3 की बढ़त के साथ मैच पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली. भारतीय खिलाड़ी ने अपनी सर्विस पर ऐस के साथ मैच को ख़त्म कर दिया.

