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Sahjan Health Benefits: सहजन, जिसे मोरिंगा के नाम से भी जाना जाता है, अपने पौष्टिक और औषधीय गुणों के कारण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है. इसके पत्ते, फलियां, फूल और छाल का उपयोग विभिन्न बीमारियों के इलाज में किया जाता है. सहजन में विटामिन ए, सी, कैल्शियम, प्रोटीन, और आयरन प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिससे इसे एक सुपरफूड माना जाता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत करने, और पाचन तंत्र को सुधारने में सहायक होता है.

सहजन अपने अनोखे औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल होता आ रहा है. सहजन की पत्तियां विटामिन ए, सी, और ई से भरपूर होती हैं, जो शरीर को पोषण देने के साथ-साथ बीमारियों से लड़ने में मदद करती हैं. यह खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी है, क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है.एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण: सहजन में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करने में मददगार हैं, जिससे यह गठिया और अन्य सूजन संबंधी बीमारियों में उपयोगी है.

सहजन में विटामिन A, विटामिन C, विटामिन B1, B2, B3 और B6 जैसे विटामिन पाए जाते हैं. इसके अलावा, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, फास्फोरस और आयरन जैसे मिनरल्स भी होते हैं. ये मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाते हैं.

सहजन में फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को सही रखती है और वजन घटाने में मदद करती है. यह मोटापे को नियंत्रित करने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है. फाइबर से पेट भरता है और ज्यादा खाने की इच्छा कम होती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है.

सहजन के सेवन से शुगर के लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है. इसमें एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो खून में शुगर की मात्रा को स्थिर रखते हैं, जिससे मधुमेह की समस्या से राहत मिलती है.

सहजन के पत्तियों का सेवन विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है. पत्तियों का काढ़ा बनाकर या इसके फूल और फल को सब्जी, सूप, दाल या सांभर बनाकर खाया जा सकता है.

