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Lucknow Latest News: हाई कोर्ट ने अब्बास अंसारी की विधायक सदस्यता बहाल की, निचली अदालत ने हेट स्पीच मामले में सजा के चलते सदस्यता रद्द की थी, अब पुनः बहाली का आदेश मिला है.
अब्बास अंसारी. अब्बास अंसारी ने निचली अदालत के इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने मामले की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए 20 अगस्त 2025 को निचली अदालत के दोष सिद्धि के आदेश को निलंबित (Suspend) कर दिया. इसके बाद अब उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता बहाल करने का आदेश जारी कर दिया है.
विधानसभा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हाई कोर्ट द्वारा दोष सिद्धि को निलंबित किए जाने के बाद अब्बास अंसारी की वह निरर्हता, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191(ड) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत मानी गई थी, अब निष्प्रभावी मानी जाएगी.
मऊ उपचुनाव पर भी लगी रोक
अब्बास अंसारी की सदस्यता बहाल होने के बाद मऊ सदर सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव भी टाल दिया गया है. इस फैसले के बाद अंसारी के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है.
क्या था पूरा मामला?
2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी पर आरोप लगा था कि उन्होंने चुनावी सभा में अधिकारियों को धमकी दी थी. उन्होंने कथित रूप से कहा था कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर छह महीने तक कोई तबादला नहीं होगा और पहले ‘हिसाब-किताब’ होगा. इस बयान को लेकर उनके खिलाफ हेट स्पीच का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके चलते बाद में उन्हें सजा भी सुनाई गई थी.
न्यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. वेब स्टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने में रूचि.
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