घोरावल/सोनभद्र (विजय अग्रहरी)…..

नगर के श्री रामेश्वर रामलीला मंच पर रविवार रात भक्ति जागरण और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसी के साथ श्री महाविघ्नेशर पूजा समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री गणेश पूजनोत्सव कार्यक्रम संपन्न हो गया। भक्ति जागरण में सारी रात श्रद्धालु श्रोता झूमते रहे। इस दौरान भगवान शिव शंकर, श्री राधा कृष्ण, माता दुर्गा माता महाकाली, श्री गणेश, हनुमानजी इत्यादि की आकर्षक झांकियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री काशी सुमेरु पीठ के शंकराचार्य श्री नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि श्री गणेश भगवान क्रांति के अग्रदूत हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में गणेश उत्सव देश को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि आज देश की परिस्थितियों को देखते हुए हिंदू माताओं से 10 बच्चे पैदा करने चाहिए। भगवान श्री कृष्ण आठवीं संतान थे। हिंदू बेटियों की रक्षा के लिए लव जिहाद के खिलाफ सरकार कड़ा कानून बनाए।

समय की मांग है कि हमें प्रकृति के साथ चलना होगा। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा करने के लिए हमें खुद आगे आना होगा।आज हिंदू समाज और देश में विनाशकारी शक्तियां सर उठा रही है देश के संपन्नता और तरक्की को देखकर आश्चर्य चकित हैं। देश के विरुद्ध पश्चिमी देशों द्वारा संयंत्र रचा जा रहा है ऐसी स्थिति में पूरे देश को एकजुट होकर सामना करना होगा।
भगवान गणेश को दूर्वा बहुत पसंद है। दूर्वा की यह विशेषता है कि चाहे कितने दिनों तक उसे रखा जाए लेकिन जहां अनुकूल वातावरण मिलता है मिट्टी और जल के संपर्क में आता है पुनः हरा भरा हो जाता है। इसी तरह हमारी सनातन संस्कृति विभिन्न अहंकारी शक्तियों द्वारा मिटाने का प्रयास किया गया लेकिन हमारी संस्कृति पुनः हरी-भरी हो गई ।
इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष राजीव कुमार और विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र मौर्य ने श्री गणेश पूजनोत्सव में योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्रम व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर विहिप नेता मनोज श्रीवास्तव, प्रकाशचंद्र अग्रहरि, नंदलाल उमर, डॉ परमेश्वर दयाल पुष्कर, सुभाष पटेल, प्रसून कुमार, सिप्पू अग्रहरि, रामानंद पांडेय, अशोक उमर, बाबूलाल शर्मा, देवेंद्रनाथ दुबे, शुभम लाला, अनुराग अग्रहरि, आनंद शुक्ला, जयप्रकाश सेठ इत्यादि मौजूद रहे। संचालन राजीव कुमार ने किया।
