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Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद एल्विश यादव केस के गवाहों को सुरक्षा नहीं दी गई. मामले में कार्रवाई करते हुए कोतवाल धर्मपाल को निलंबित कर विभा…और पढ़ें
एल्विश यादव की तस्वीर. जांच में सामने आया है कि धर्मपाल ने सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन किया है. वहीं, अन्य पुलिस अधिकारियों की भी इस मामले में भूमिका संदेह के घेरे में है. पुलिस विभाग की इस लापरवाही ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मामले के मुख्य गवाह गौरव गुप्ता और सौरभ गुप्ता, जो मेनका गांधी की संस्था पीपल फॉर एनिमल्स से जुड़े हैं, को अब विशेष सुरक्षा मुहैया कराई गई है. दोनों गवाह नोएडा स्नेक वेनम केस का खुलासा करने वाले प्रमुख साक्षी हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था. इन दोनों की सुरक्षा के लिए चार पुलिसकर्मी हर वक्त तैनात रहेंगे ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने यूपी पुलिस की कार्यशैली और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट और जिला अदालत के आदेशों की अनदेखी इस बात को दर्शाती है कि संवेदनशील मामलों में पुलिस का रवैया निंदनीय है. पुलिस कमिश्नर की ओर से धर्मपाल पर कार्रवाई को कुछ लोग केवल ‘खुद को बचाने की कोशिश’ बता रहे हैं, लेकिन स्पष्ट संदेश यह भी है कि ऐसे मामलों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
गाजियाबाद पुलिस की इस चूक ने न केवल गवाहों की जान को खतरा पैदा किया है, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है. अब उम्मीद जताई जा रही है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
न्यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. वेब स्टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने में रूचि.
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