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Chandra Grahan Effect: काशी के ज्योतिषी पण्डित संजय उपाध्याय के अनुसार, रविवार को ग्रहण काल की शुरुआत रात 9 बजकर 57 मिनट पर होगी. मध्य काल 11 बजकर 41 मिनट जबकि मोक्ष रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा.सूतक की शुरुआत ग्…और पढ़ें
चंद्रग्रहण के कारण काशी में विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का समय बदल गया है. रविवार को शाम के बजाय दोपहर में घाटों पर गंगा आरती की जाएगी. 12 बजे से गंगा आरती की शुरुआत होगी जो सूतक शुरू होने से पहले समाप्त हो जाएगा. 34 सालों में ये पांचवा मौका होगा जब गंगा आरती दोपहर में घाटों पर देखने को मिलेगी.
वहीं बात मंदिरों की करें, तो कारशी के तमाम मंदिर भी दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच बंद हो जाएंगे. संकट मोचन, दुर्गाकुंड, कालभैरव, बटुक भैरव, मानस मंदिर, त्रिदेव मन्दिर, महालक्ष्मी मंदिर के साथ सभी मंदिरों के कपाट सूतक की शुरुआत से पहले बंद हो जाएंगे.
हालांकि, नाथों के नाथों बाबा विश्वनाथ सूतक काल में भी दर्शन देंगे. इसके पीछे धार्मिक मान्यता भी है. विद्वानों की मानें तो काशी विश्वनाथ समस्त लोक, सभी देवी देवता, यक्ष,गंधर्व, सुर, असुर और किन्नरों के स्वामी हैं. ऐसे में उनपर सूतक काल का कोई असर नहीं होता है. परम्परा के मुताबिक, रविवार (7 सितंबर) को चंद्रग्रहण के स्पर्श के 2 घण्टे पहले यानी 7 बजकर 30 मिनट के करीब उनका कपाट बंद हो जाएगा. फिर अगले दिन मंगला आरती के पूजा पाठ नियमित तौर पर चलेगा.ग्रहण के कारण काशी विश्वनाथ के संध्या,श्रृंगार और शयन आरती के समय में भी बदलाव हुए है.
इस समय शुरू होगा ग्रहण
काशी के ज्योतिषी पण्डित संजय उपाध्याय के अनुसार, रविवार को ग्रहण काल की शुरुआत रात 9 बजकर 57 मिनट पर होगी. मध्य काल 11 बजकर 41 मिनट जबकि मोक्ष रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा. सूतक की शुरुआत ग्रहण के स्पर्श से 9 घण्टे पहले होगी.

