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सहारनपुर की आत्मनिर्भर कान्हा उपवन गौशाला ने नवरात्रि के लिए सम्भरानी हवन कप तैयार किए हैं, जो पंचगव्य से निर्मित हैं और हवन जैसा प्रभाव देते हैं. इनकी देशभर में ऑनलाइन मांग बढ़ रही है, जिससे गौशाला आर्थिक रू…और पढ़ें
हवन कप प्रज्वलित करने से घर में होने लगता है सकारात्मक ऊर्जा का एहसास
अंकुर सैनी/सहारनपुर- उत्तर प्रदेश की नंबर एक आत्मनिर्भर कान्हा उपवन गौशाला देशभर में अपनी अलग पहचान बना रही है. यह गौशाला गोबर और गोमूत्र से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर रही है, जो लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इस बार नवरात्रि को ध्यान में रखते हुए ‘सम्भरानी हवन कप’ तैयार किए गए हैं, जो पंचगव्य से निर्मित हैं. देश भर में इस उत्पाद की ऑनलाइन मांग बहुत अधिक है.
गौशाला की आत्मनिर्भरता और विशेषताएं
सहारनपुर स्थित कान्हा उपवन गौशाला में 582 गोवंश संरक्षित हैं, और यह विभिन्न उत्पादों की बिक्री से अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करती है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस गौशाला का निरीक्षण कर चुके हैं और यहां बनने वाले उत्पादों की सराहना कर चुके हैं. सहारनपुर नगर निगम द्वारा संचालित यह गौशाला निरंतर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है और समय-समय पर नए प्रयास करती रहती है.
नवरात्रि के लिए खास सम्भरानी हवन कप
गौशाला ने इस बार नवरात्रि के अवसर पर सम्भरानी हवन कप तैयार किए हैं, जिनमें हवन की सभी आवश्यक सामग्री शामिल है.
- इन कपों में गाय का गोबर, गोमूत्र, गो अर्क, राल, गूगल, लोबान जैसी हवन में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियां मिलाई गई हैं.
- इसे जलाने से घर में हवन जैसा वातावरण बनता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
- हवन करने में अधिक समय लगता है, लेकिन इन सम्भरानी कप को जलाने पर 5 से 10 मिनट में ही हवन का प्रभाव महसूस किया जा सकता है.
हवन कप की बढ़ती मांग
गौशाला प्रशासन का कहना है कि सम्भरानी हवन कप को लोगों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है. एक पैकेट की कीमत ₹50 रखी गई है, जिसमें 20 सम्भरानी कप उपलब्ध होते हैं.
- यह उत्पाद ऑफलाइन के साथ-साथ अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है.
- ओडिशा, असम समेत कई राज्यों से ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं.
पशु चिकित्सा अधिकारी का बयान
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि नगर निगम सहारनपुर द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला में 582 गोवंश की देखभाल की जा रही है. गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, और सम्भरानी हवन कप भी उसी का एक हिस्सा है.
गौशाला में निर्मित सभी उत्पादों को ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचा जा रहा है, जिससे यह गौशाला देशभर में एक मिसाल बनती जा रही है.