Last Updated:
Meerut Muskan News: मेरठ जेल में सौरभ हत्याकांड के आरोपी मुस्कान और साहिल ने रामायण पढ़ने की इच्छा जताई. सांसद अरुण गोविल ने 1500 बंदियों को रामायण बांटी. मुस्कान रो पड़ी और साहिल की आंखों में आंसू थे.
साहिल और मुस्कान का 10 दिन का मुलाहिजा बैरक का समय पूरा हो चुका है. (फोटो PTI)
हाइलाइट्स
- मुस्कान और साहिल ने जेल में रामायण पढ़ने की इच्छा जताई.
- रामायण मिलते ही मुस्कान रो पड़ी, साहिल की आंखों में आंसू थे.
- जेल में 1500 बंदियों को रामायण बांटी गई, जय श्री राम के नारे गूंजे.
मेरठ: मेरठ के चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में एक अजीबोगरीब मंज़र देखने को मिला. जेल में बंद सौरभ हत्याकांड के आरोपी मुस्कान और साहिल, जिन्होंने कुछ समय पहले तक अपराध की दुनिया में कदम रखा था, आज रामायण पढ़ने की इच्छा जता रहे हैं. क्या यह केवल एक दिखावा है, या उनके दिलों में सचमुच पश्चाताप की भावना जाग उठी है?
मेरठ के सांसद अरुण गोविल के रामायण वितरण कार्यक्रम के दौरान, जेल परिसर में 1500 बंदियों को रामायण की प्रतियां बांटी गईं. इस दौरान, जब मुस्कान और साहिल को रामायण दी गई, तो दोनों भावुक हो गए. मुस्कान तो फूट-फूट कर रोने लगी, जबकि साहिल की आंखों में भी आंसू थे. जेल परिसर ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा.
बदलता माहौल: जेल में भक्ति की बयार
जेल के वरिष्ठ जिला अधीक्षक के अनुसार, साहिल और मुस्कान का 10 दिन का मुलाहिजा बैरक का समय पूरा हो चुका है. अब उन्हें बैरक नंबर 12 और 18 ब में शिफ्ट कर दिया गया है. मुस्कान ने सिलाई सीखने की इच्छा जताई है, जबकि साहिल खेती करना चाहता है. जेल में रामायण पाठ और इन दोनों के बदले हुए रवैये ने एक नई चर्चा को जन्म दिया है. क्या यह बदलाव उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा?
सवाल और संदेह: क्या यह सिर्फ एक नाटक है?
हालांकि, कुछ लोग इस बदलाव को संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं. उनका मानना है कि यह सब सिर्फ एक नाटक है, ताकि उन्हें सहानुभूति मिल सके. क्या मुस्कान और साहिल सचमुच पश्चाताप कर रहे हैं, या यह सिर्फ एक रणनीति है? यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है.
इस घटना ने जेल के माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है. जहां कभी अपराध और निराशा का माहौल था, वहां अब भक्ति और आध्यात्मिकता की बातें हो रही हैं. रामायण पाठ ने बंदियों के दिलों में उम्मीद की किरण जगाई है.
रामायण का प्रभाव: एक नई शुरुआत?
रामायण, जो धर्म और नैतिकता का प्रतीक है, क्या इन अपराधियों के जीवन में कोई सकारात्मक बदलाव ला पाएगी? क्या यह उन्हें सही रास्ते पर ले जाएगी? यह देखना बाकी है कि क्या रामायण का यह पाठ मुस्कान और साहिल के जीवन को बदल पाएगा, या यह सिर्फ एक अस्थायी भावनात्मक उछाल है.