Yes Bank के शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बुरी खबर है। मंगलवार को जब स्टॉक मार्केट खुलेगा तो बैंक के स्टॉक में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दरअसल, यस बैंक को आयकर विभाग से 2,209 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस मिला है। यस बैंक ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि आयकर विभाग ने अप्रैल 2023 में आकलन वर्ष 2019-20 को फिर से खोल दिया है। आयकर विभाग की राष्ट्रीय फेसलेस असेसमेंट यूनिट ने 28 मार्च को पुनर्मूल्यांकन आदेश पारित किया था, जिसमें कोई अतिरिक्त अस्वीकृति या परिवर्धन नहीं किया गया था, यानी जिन आधारों पर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही शुरू की गई थी, उन्हें हटा दिया गया है। यस बैंक के शेयर पर नजर डालें तो शेयर टूटकर 16.85 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। पिछले 6 महीने में शेयर 25% टूट गया है। मार्केट एक्सपर्ट का मनना है कि इस खबर का असर शेयर पर देखने को मिल सकता है। शेयर में और गिरावट आ सकती है।
बैंक पर कोई टैक्स बकाया नहीं बनता
बैंक ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 144 के तहत पारित मूल मूल्यांकन आदेश में जो कुल आय का आकलन किया गया था, वह पुनर्मूल्यांकन आदेश में अपरिवर्तित रही है और परिणामस्वरूप, बैंक के खिलाफ कोई मांग नहीं उठाई जानी चाहिए थी। हालांकि, उसने कहा कि इसके बावजूद, अधिनियम की धारा 156 के तहत जारी की गई गणना शीट और मांग के नोटिस में 2,209.
17 करोड़ रुपये की आयकर मांग की गई है, जिसमें 243.02 करोड़ रुपये का ब्याज भी शामिल है, जो प्रथम दृष्टया “बिना किसी आधार” के प्रतीत होता है।
बैंक के पास अपना पक्ष रखने का आधार
इसलिए, बैंक का मानना है कि इस मामले में अपनी स्थिति को उचित रूप से प्रमाणित करने के लिए उसके पास पर्याप्त आधार हैं और उसे उक्त आदेश के कारण अपने वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर किसी भी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की उम्मीद नहीं है।बैंक ने कहा कि वह लागू कानून के तहत उक्त पुनर्मूल्यांकन आदेश के खिलाफ अपील करेगा।