सनन्दन उपाध्याय/बलिया- अगर हम आपसे कहें कि एक कांटेदार पौधा आपके स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान है, तो क्या आप यकीन करेंगे? नागफनी, जिसे अक्सर उपेक्षित किया जाता है, असल में एक संजीवनी से कम नहीं. पोषक तत्वों से भरपूर यह पौधा शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है.
आयुर्वेद में नागफनी का महत्व
शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रो. डॉ. आर.वी.एन. पांडेय बताते हैं, “नागफनी को सेहत का खजाना कहा जाता है.” यह पौधा विटामिन A, C, K, B6, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर को रोगों से बचाने में मदद करता है. यह किसी नाग के फन की तरह हर समय हमारी रक्षा के लिए तैयार रहता है.
नागफनी के चमत्कारी फायदे
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
नागफनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद मिलती है.
बुखार और सांस संबंधी बीमारियों में फायदेमंद
इसका सेवन करने से बुखार, खांसी, अस्थमा और श्वसन तंत्र की समस्याओं में राहत मिलती है.
पेट और पाचन तंत्र को बनाए मजबूत
नागफनी के सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है, जिससे कब्ज, अपच और भूख न लगने की समस्याएं दूर होती हैं.
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत
इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द, सूजन और गठिया में आराम दिलाते हैं.
त्वचा और आंखों के लिए वरदान
नागफनी का उपयोग त्वचा के चर्म रोग, घाव, जलन और आंखों की लाली में भी किया जाता है.
हृदय और डायबिटीज में लाभकारी
नागफनी हृदय को स्वस्थ रखने के साथ-साथ ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा होता है.
कैंसर से बचाव में सहायक
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करके कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकते हैं.
खून की सफाई और एनीमिया में लाभदायक
नागफनी खून को शुद्ध करता है और शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है, जिससे एनीमिया की समस्या दूर होती है.
नागफनी के सेवन के तरीके
- फल- इसका फल सब्जी, जूस, सलाद या स्मूदी के रूप में खाया जा सकता है.
- पत्तियां और फूल- इसके मोटे कांटेदार पत्तों और फूलों का औषधीय उपयोग किया जाता है.
- पाउडर और रस- इसे चूर्ण, रस या टैबलेट के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
सेवन से पहले रखें ये सावधानियां
नागफनी के औषधीय गुणों का लाभ लेने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. गर्भवती महिलाओं और विशेष स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को इसका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए.