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Soil Testing : रबी, खरीफ या जायद फसलों के पूर्व में जब खेत तैयार किया जाता है तो मिट्टी की जांच जरूर करनी चाहिए. मिट्टी में पोषक तत्वों का भंडार होता है जो पौधे को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प…और पढ़ें
मृदा परीक्षण
हाइलाइट्स
- फसल कटाई के बाद मृदा परीक्षण आवश्यक है.
- मृदा परीक्षण से पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है.
- मिट्टी का सैंपल 8-10 जगहों से लें.
शाहजहांपुर : किसानों को फसल की कटाई के बाद मृदा परीक्षण कर लेना चाहिए. मृदा परीक्षण करा लेने से किसानों को पता चल जाएगा कि जिस भूमि में फसल उगाते हैं उसमें कौन से पोषक तत्वों की कमी है और कौन से पोषक तत्वों की अधिकता है. मृदा परीक्षण के बाद एक्सपर्ट किसानों को सुझाव देंगे कि कौन सा पोषक तत्व कितनी मात्रा में इस्तेमाल करें.
जिला कृषि अधिकारी डॉ. विकास किशोर ने बताया कि किसानों को किसी भी फसल की बुवाई करने से पहले मृदा परीक्षण कर लेना चाहिए. मृदा परीक्षण से पता चल जाएगा कि उनकी जमीन में किसी पोषक तत्व की कमी तो नहीं है. अन्यथा किसान बिना जानकारी के रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं. जिससे मृदा स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. किसानों की लागत भी बढ़ जाती है.
कैसे एकत्र करें मिट्टी का सैंपल?
किसान अगर मृदा परीक्षण करवाना चाहते हैं तो वह कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही मृदा परीक्षण लैब में जाकर मिट्टी की जांच करवा सकते हैं. विभाग द्वारा किसानों से 100 से 110 रुपए प्रति सैंपल के हिसाब से शुल्क लिया जाता है. जिस खेत से मिट्टी का सैंपल लेना है, वहां 8 से 10 जगहों पर 6 इंच लंबा, 4 इंच चौड़ा और 6 इंच गहरा गड्ढा कर लें. इसके बाद खुरपी से गड्ढे की दीवार से लगभग 2.5 सेंटीमीटर की परत ऊपर से नीचे तक काटकर अलग कर लें. फिर अलग-अलग जगह से इकट्ठी की गई मिट्टी को साफ कपड़े में अच्छी तरह से मिला लें. उसके बाद इस मिट्टी का ढेर बनाकर उसे चार भागों में बांट लें. आमने-सामने के दो भाग की मिट्टी अलग निकालकर फिर से अच्छी तरह मिलाएं और ढेर बनाकर उसी प्रक्रिया को दोहराएं. यह प्रक्रिया तब तक करते रहें जब तक मिट्टी आधा किलो रह जाए. उसके बाद मिट्टी को साफ थैली में भरकर प्रयोगशाला में भेज दें.
इन बातों का रखें ध्यान
- मिट्टी का सैंपल लेते समय ध्यान रखें कि खेत में ज्यादा नमी न हो.
- अगर मिट्टी में नमी है, तो उसे छाया में सुखा लें और जल्द से जल्द प्रयोगशाला भेज दें ताकि सटीक नतीजे प्राप्त किए जा सकें.
- नमूना लेते समय यह भी ध्यान रखें कि जहां से आप सैंपल ले रहे हैं, वहां आसपास में पेड़, सिंचाई वाली नाली, खाद के गड्ढे या फिर फसल न हो.