मुख्य संवाददाता@सौरभ गोस्वामी…..

लगातार हो रही बरसात के चलते ओबरा बांध का पानी खतरे के निशान 193.25 मीटर के करीब पहुंचते ही बांध खंड के अधिकारियोँ द्वारा देर रात 2.20 के करीब गेट नंबर 8 को 3 फीट तक खोलकर रेणुका नदी में पानी बहाया जाने लगा।
बांध के गेट को खोलने से पूर्व इसकी सूचना बांध खंड के अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय को दी गयी। इस दौरान मौके पर पहुंचे ओबरा एसडीएम रवि कुमार पासवान तथा तहसीलदार नरेंद्र राम तथा सम्बंधित अधिकारियों की देखरेख में बांध के फाटक को खोलकर रेणुका नदी में पानी छोड़ गया,ताकि बांध का जलस्तर नियंत्रित रह सके। बांध को खोलने से पूर्व रेणुका नदी के तटवर्ती इलाके में बसे गांव गुडुर, चकाड़ी, खेवंधा, खैरटीया, बर्दिया, महलपुर, गोठानी, सिंदुरिया,टापू, घटीहटा आदि गांव में प्रशासन द्वारा सूचना देकर लोगों को नदी के किनारे से दूर हटने की सलाह दी गई।

दूसरी और जल विद्युत की तीनों मशीनों को चलाकर 80 मेगावाट उत्पादन किया जा रहा था। वर्तमान समय में पिपरी बांध का जलस्तर 868.6 फीट के करीब पर बना हुआ था,जो खतरे के निशान से डेढ़ फीट के करीब कम है।गुरुवार की सायं 3 बजे के करीब ओबरा जल विद्युत की एक मशीन बंद हो जाने पर बांध का जलस्तर को बढ़ता देख ओबरा बांध खंड के अधिकारियों द्वारा गेट नंबर 8 को 3 फीट से बढ़ाकर 7 फीट तक खोलकर जलस्तर को नियंत्रित किया जाने लगा।
अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता अनुसार बांध के खोले गए फाटक को बढ़ाया अथवा घटाया भी जा सकता है। बांध खंड के अधिकारियों की माने तो वर्तमान समय में 16612 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड रेणुका नदी में बहाया जा रहा है।बरसात को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि ओबरा बांध के और भी फाटकों को खोलकर जलस्तर को नियंत्रित किया जा सकता है।

मौके पर क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय तथा प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय ने ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी सायरन अथवा लाउडस्पीकर व अन्य माध्यम से दी जाने वाली जानकारी को तटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोग ध्यान से सुने और उनका पूरी तरह से पालन करें, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर लोग जा सके।