चुर्क संवाददाता@संजय सिंह…

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (आरईसी), सोनभद्र में आयोजित पांच दिवसीय तकनीकी कार्यक्रम के दूसरे दिन साइबर सुरक्षा के आधुनिक आयामों और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत व्याख्यान दिए। तकनीकी सत्रों में डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और नेटवर्क की मजबूती से जुड़ी चुनौतियों के साथ उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के प्रारंभिक तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. मैनेजर यादव ने ‘मल्टीमीडिया कंटेंट सिक्योरिटी’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि संचार माध्यमों से होने वाले दैनिक डेटा ट्रांसमिशन को विजुअल क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम के माध्यम से सुरक्षित बनाया जा सकता है। इससे संवेदनशील सूचनाओं की गोपनीयता और डेटा की अखंडता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

इसके बाद डॉ. अजय प्रताप ने ‘स्मार्ट हेल्थकेयर में गोपनीयता संरक्षण’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों में मरीजों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। मशीन लर्निंग तकनीकों के प्रभावी उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी डेटा की गोपनीयता बनाए रखते हुए उसकी नैदानिक उपयोगिता को भी बेहतर बनाया जा सकता है।

अपराह्न सत्र में डॉ. अजय प्रताप ने वेहिकुलर नेटवर्क्स की सुरक्षा पर व्याख्यान देते हुए वेहिकुलर एड-हॉक नेटवर्क्स में होने वाले ‘सिबिल अटैक’ और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कनेक्टेड वाहन प्रणालियों में पहचान सत्यापन और सुरक्षित संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तकनीकी सत्रों के समापन पर प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक डॉ. आमोद कुमार तिवारी, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, डॉ. कल्पना सिंह, सिकंदर, नवनीत उपाध्याय सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।