संवाददाता@रामबली मिश्रा…
भक्ति गीतों से भक्तिमय हुआ डोडहर गांव का माहौल, कथा श्रवण के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

ग्राम सभा डोडहर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास परम पूज्य पंडित नंद किशोर पांडेय ने राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि द्वारा दिए गए श्राप तथा अन्य पौराणिक प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा के दौरान महाभारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए व्यास जी ने बताया कि धर्मयुद्ध से पूर्व अर्जुन और दुर्योधन दोनों भगवान श्रीकृष्ण से सहायता मांगने पहुंचे थे। भगवान श्रीकृष्ण ने एक ओर अपनी नारायणी सेना और दूसरी ओर स्वयं को चुनने का विकल्प दिया। दुर्योधन ने नारायणी सेना को चुना, जबकि अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण का साथ स्वीकार किया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि जीवन में भगवान के प्रति अटूट विश्वास, श्रद्धा और धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्ची भक्ति है।

कथा के दौरान मधुर भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण करते रहे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है।

कथा आयोजन को सफल बनाने में आशीष, प्रदीप, शशि, सीमा, ज्योति एवं निधि का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर मुख्य यजमान रुद्र देव दुबे और उनकी धर्मपत्नी राजकुमारी दुबे मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान केपी पाल, रामजी द्विवेदी, कृष्णकांति जायसवाल, सुभाष जायसवाल, रामहित गुप्ता, शिवकांति दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।