मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में 28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत बुधवार को भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नेतृत्व में जिला कार्यालय सोनभद्र में ‘सबसे ऊंचे सरदार’ विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहकारी बैंक मिर्जापुर के चेयरमैन जगदीश सिंह पटेल रहे। गोष्ठी का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री अशोक कुमार मौर्य ने किया।

मुख्य अतिथि जगदीश सिंह पटेल ने कहा कि वर्ष 1947 में देश की आजादी के समय लगभग 565 रियासतों के सामने भारत में शामिल होने या स्वतंत्र रहने का विकल्प था। ऐसी स्थिति में देश के विखंडन का खतरा पैदा हो गया था। सरदार पटेल ने वीपी मेनन के सहयोग से अपनी कुशल रणनीति, दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता के बल पर अधिकांश रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया।

जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी चुनौतीपूर्ण रियासतों के विलय में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के प्रयासों ने एकजुट और अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सरदार पटेल के योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल ने कहा कि सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाद में किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने जीवनभर किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत की आवाज को बुलंद किया। खेड़ा सत्याग्रह और बारडोली सत्याग्रह में उनके नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई। बारडोली आंदोलन की सफलता के बाद उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने तथा अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामलखन सिंह, जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, जिला मंत्री अनिल सिंह, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष निशांत कुशवाहा, जिला सह मीडिया प्रभारी अमन मौर्य, युवा मोर्चा जिला मंत्री अभय पटेल, जिला कार्यालय मंत्री बलराम सोनी सहित बलदेव सिंह, विवेक तोमर, शिवम सिंह, छोटू पटेल, मनीष पटेल, शिवनाथ जायसवाल, महेश्वर चंद्रवंशी और विनय श्रीवास्तव समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।