बीजपुर संवाददाता@रामबली मिश्रा…

बीजपुर बार एसोसिएशन सभागार सोनभद्र में साहित्य दीप संस्थान व साहित्यिक प्रकोष्ठ बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को काव्य संध्या, सम्मान समारोह व सोन काव्यांजलि द्वितीय संस्करण संयुक्त कविता संकलन का विमोचन किया गया। अध्यक्षता कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र व मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी रहे। आदिकवि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण पश्चात ईश्वर विरागी के वाणी वंदना, वाणी में वेदों का स्वर दे माँ शारदे, स्तवन से विधिवत आगाज हुआ।इस अवसर पर सभी साहित्यकार गणों को व अतिथियों को अंगवस्त्र लेखनी पुस्तिका के साथ माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।

तदुपरांत काव्य संध्या में कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने, मित्र ही काटता मित्र का है गला , दिव्या राय ने मत रोक सांवरिया घूंघट में मुझे नील गगन तक जाने दे अजय चतुर्वेदी कक्का ने, इतनी गंदी हुई सियासत थूक रही खुद चाट रही है दिवाकर दिवेदी मेघ ने, आदमी अब आदमी नहीं रहा,शिवदास कवि ने अरे बाप रे बाप पतोहिया मिलल उचक्का, विकास वर्मा मित्र मंच फाउंडेशन ने समरसता पर, मजहब को अपने घर में ही महदूद कीजिये धर्मेश चौहान ने देश गीत गोपाल कुशवाहा ने आग लगाते हैं लगाने वाले राधेश्याम पाल ने गंगा नहाने से पाप धुल जायेगा क्या,अरुण तिवारी ने भारती की आरती उतारिये सुनाकर सबका मन मोह लिया।मदन चौबे दयानंद दयालू विवेक चतुर्वेदी प्रेमी बौद्ध सुनील चौचक ,ने भी रचना पाठ किये।

सुधाकर स्वदेश प्रेम सुशील मिश्रा सोन संगीत फाउंडेशन दिलीपसिंह दीपक राहुल कुशवाहा प्रवाह ने गीत गजल छंद कता नज्म रुबाई पैरोडी हास्य व्यंग्य श्रृंगार वीर रस लोकभाषा विभिन्न रसों में सुनाकर साहित्य गंगा में लोगों को आप्लावित किये और सराहे गये। संचालन करते हुये अशोक तिवारी ने, तुमसे हमने प्यार किया और क्या किया, यूँ जिंदगी गुजार दिया और क्या किया सुनाये सराहे गये। शहीद स्थल करारी प्रमुख प्रदुम्न त्रिपाठी ने आदि कवि को समर्पित रचना,,
दर्द का वेग जब बढ़ा होगा कोई सलीब पर चढ़ा होगा भावना अश्रु बन बही होगी आदि कवि कविता तब कहा होगा सुनाकर नमन् किये।

अध्यक्षता करते हुये कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र ने वाल्मीकि को याद कर संवेदनशीलता को संत से जोड़ कर आदमीयत व जन सरोकार पर प्रकाश डाले। मुख्य अतिथि ओमप्रकाश त्रिपाठी ने, कविता के माध्यम से आदिकवि को याद कर आयोजन की उपयोगिता पर चिंतन दिये। आभार संयोजक दिलीप सिंह दीपक ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बार अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव एड महामंत्री योगेश कुमार द्विवेदी ,विशिष्ट अतिथि डा, लोक पति सिंह पटेल, हेम नाथ दूबे सी पी दूबे नित्यानंद दिवेदी अरुण कुमार सिंघल एड राजेश कुमार पाठक एड अमित मिश्रा ओम प्रकाश पाठक आत्म प्रकाश तिवारी देवानन्द पांडेय विनोद कुमार चौबे नरेंद्र कुमार पाठक जयशंकर त्रिपाठी फारुक अली हाश्मी गीता गौर ज्ञानेंद्र तिवारी प्रदीप पांडेय आनंद कुमार मिश्र यतीन्द्र देव पांडेय आदि सैकड़ों लोग देर रात तक साहित्य गंगा अवगाहन करते रहे।

अंत में जानकारी मिली कि राष्ट्र पति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक वरिष्ठ साहित्य कार डा, अर्जुन दास केसरी के निधन की खबर पाकर आयोजन रोक कर शोक प्रस्ताव पारित कर दो मिनट मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर आयोजन स्थगित किया गया।