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शक्तिनगर. शरद पूर्णिमा पर शास्त्रीय संगीत और कथक की सुरमयी छटा, 29वें वर्ष भी सजा सांस्कृतिक मंच

JK Gupta by JK Gupta
October 26, 2026
in सोनभद्र
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शक्तिनगर संवाददाता@वीरेंद्र यादव…


शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में शक्ति संगीत कला परिषद की ओर से एनटीपीसी सिंगरौली आवासीय परिसर स्थित शक्तेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में भव्य शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह आयोजित किया गया। लगातार 29वें वर्ष आयोजित इस समारोह में देश के विभिन्न शहरों से आए कलाकारों ने संतूर, सितार, तबला, शास्त्रीय गायन और कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुर, लय और ताल के संगम से पूरा परिसर संगीतमय और आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ए. पी. तिवारी, महाप्रबंधक (ओएंडएम), एनटीपीसी सिंगरौली तथा अध्यक्ष ए. के. सिंह, एचओपी, एमईआईएल, अनपरा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार दुबे ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सचिव चंद्रशेखर जोशी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. योगेंद्र तिवारी ने किया।

कोलकाता से आए संतूर वादक कुमार सारंग, सितार वादक नीरज मिश्रा और तबला वादक पंडित ललित कुमार की जुगलबंदी समारोह का प्रमुख आकर्षण रही। कलाकारों ने राग वाचस्पति में मध्यलय रूपक ताल और द्रुत तीनताल की प्रस्तुति देकर शास्त्रीय वादन की बारीकियों और अपनी साधना का परिचय दिया। चेन्नई की गायिका दीपिका वरदराजन ने राग बागेश्री की प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। विलंबित एकताल और तीनताल में गायन के बाद उन्होंने प्रसिद्ध ठुमरी ‘याद पिया की आए’ तथा ‘शंभो शंकर’ भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण और भक्तिमय बना दिया। हारमोनियम पर पंडित धर्मनाथ मिश्रा ने संगत की।

लखनऊ की कथक नृत्यांगनाओं मीशा रतन और ईशा रतन ने गुरु सुरभि सिंह के निर्देशन में आकर्षक प्रस्तुति दी। ‘डमरू हर कर बाजे’ के साथ उपज, तीन पल्ली, प्रश्न-जुड़ी और आमद जैसी पारंपरिक कथक शैलियों का प्रदर्शन किया गया। मां दुर्गा के नौ रूपों पर आधारित नृत्य और लखनऊ घराने की बंदिशों ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। तबले पर उदय शंकर मिश्रा तथा गायन और हारमोनियम पर सागर मिश्रा ने संगत की।

समारोह के अंत में भगवान शिव की पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों में खीर प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में एस. के. मिश्रा, आर. आर. मोहंती, सुब्रत घोष, सूर्यकांत साहू, अजीत तिवारी, राजेंद्र बघेल सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि, परिषद के पदाधिकारी और सैकड़ों संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। लगातार 29 वर्षों से आयोजित यह समारोह भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ कलाकारों को मंच प्रदान करने की परिषद की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संस्था की ओर से एस. एन. बंसल, अजीत तिवारी, एस. एस. अग्रवाल, विदुषी परिहार, विजय दुबे, संतोष सिंह परिहार, अमरेश मिश्रा, अमरेश पांडेय, सुभाष पटेल, विनोद कुमार, अनीता दुबे और रीता सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समारोह में सैकड़ों की संख्या में संगीत प्रेमियों, कला अनुरागियों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की|

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