मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
…पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जांच की मांग की

जिले में अवैध अस्पतालों के संचालन और इलाज के दौरान मरीजों की मौत के मामलों को लेकर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब मरीज दलालों के चंगुल में फंसकर निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचते हैं और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले को जल्द मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।

डॉ. तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कथित तौर पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक लेकर अवैध अस्पतालों का संचालन होने दिया जा रहा है। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि रॉबर्ट्सगंज में करीब 23, घोरावल में 19 और दुद्धी में 14 अस्पताल अवैध रूप से संचालित होने का दावा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अवैध अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही सवाल उठाया कि यदि जिला मुख्यालय पर सात रेडियोलॉजिस्ट हैं, तो 16 डायग्नोस्टिक सेंटरों को लाइसेंस कैसे जारी किए गए।

डॉ. तिवारी ने कहा कि कार्रवाई के बाद सील किए गए अस्पतालों के दोबारा खुलने की शिकायतें गंभीर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से सीएमओ और संबंधित नोडल अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। इस संबंध में वह जल्द मुख्यमंत्री को पत्रक सौंपेंगे।
