संवाददाता@वीरेंद्र यादव…

एनटीपीसी सिंगरौली ने नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में तीन माह के सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक ई. प्रभाकर राव तथा वनिता समाज की अध्यक्षा ई. निर्मला राव ने किया।
इस अवसर पर ई. प्रभाकर राव ने कहा कि महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना समावेशी सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को व्यावहारिक कौशल मिलेगा, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे सकेंगी।

वनिता समाज की अध्यक्षा ई. निर्मला राव ने कहा कि कौशल विकास महिलाओं में आत्मविश्वास और उद्यमशीलता की भावना बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं घर से ही सिलाई कार्य शुरू कर आय अर्जित कर सकेंगी। उन्होंने कपड़े के थैलों के निर्माण को महिला सशक्तीकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाली उपयोगी पहल बताया।

समृद्धि साक्षरता समिति के माध्यम से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से चिल्काडांड, कोटा, परसवार राजा एवं आसपास के गांवों की महिलाएं लाभान्वित होंगी। प्रशिक्षण के दौरान सिलाई, परिधान निर्माण और बुनियादी सिलाई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली प्रतिभागियों को सिलाई मशीनें भी वितरित की जाएंगी।

कार्यक्रम के तहत लगभग 2,000 पर्यावरण-अनुकूल कपड़े के थैले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इनका उपयोग एकल-उपयोग प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बढ़ावा देने के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस दौरान एनटीपीसी के महाप्रबंधक अगम प्रकाश तिवारी, रश्मिरंजन मोहंती, सुनील कुमार मिश्रा, मानव संसाधन विभाग के सिद्धार्थ मंडल, नरेश कुमार, डॉ. ओम प्रकाश सहित वनिता समाज की वरिष्ठ सदस्याएं एवं एनटीपीसी के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
