संवाददाता@कृपा शंकर पांडेय….
— नवरात्रि पर विश्व हिंदू परिषद की प्रेस वार्ता, नशामुक्त समाज और बेटियों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र के जिला अध्यक्ष एवं मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के पालक अधिकारी विद्या शंकर पांडेय ने नारी शक्ति, सम्मान, संस्कार और सामाजिक जागरूकता को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि नारी अबला नहीं, बल्कि सबला है और परिवार, समाज तथा राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को आदिशक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के साथ समाज को महिलाओं के सम्मान और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी समझना चाहिए। उनके अनुसार परिवार से ही संस्कारों की नींव पड़ती है और मातृशक्ति समर्थ परिवार के साथ सशक्त समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारतीय नारी त्याग, समर्पण, साहस, धैर्य और ममता की प्रतिमूर्ति है।
नशामुक्त समाज में महिलाओं की अहम भूमिका
विद्या शंकर पांडेय ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मां और परिवार के अन्य सदस्य बच्चों को बचपन से ही नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर सकते हैं। नई पीढ़ी में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करने से नशे जैसी सामाजिक समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता पर जोर
प्रेस वार्ता में उन्होंने अंतरधार्मिक संबंधों और धर्मांतरण से जुड़े मुद्दों पर भी संगठन के दृष्टिकोण के तहत अपनी बात रखी। उन्होंने कुछ मामलों में युवतियों को बहलाकर विवाह और धर्मांतरण के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा, अपने अधिकारों और स्वतंत्र निर्णय लेने के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल देवी आराधना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और समाज में महिलाओं की भूमिका को समझने का अवसर भी है। महिलाओं को शिक्षा, संस्कार और जागरूकता के माध्यम से परिवार एवं समाज को सशक्त बनाने में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
