मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन….

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने यूपीआई (UPI) के चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क को स्थगित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार जताते हुए मांग की कि प्रस्तावित शुल्क को केवल आगे बढ़ाने के बजाय स्थायी रूप से वापस लिया जाए।

राजेश गुप्ता ने बताया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले प्रस्तावित एमडीआर शुल्क को त्योहारी सीजन को देखते हुए दिवाली के बाद तक स्थगित कर दिया है। इसे लागू करने की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात कही गई थी। यह शुल्क ग्राहकों के बजाय संबंधित व्यापारियों पर लागू होना प्रस्तावित है। व्यक्तिगत खातों के बीच होने वाले भुगतान और 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।

राजेश गुप्ता ने कहा कि नवरात्र और दीपावली के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और डिजिटल भुगतान का व्यापक इस्तेमाल होता है। ऐसे में शुल्क लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने से व्यापारियों को फिलहाल राहत मिलेगी। हालांकि, व्यापारियों के हित में इस प्रस्ताव को पूरी तरह वापस लेना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान छोटे दुकानदारों और आम कारोबारियों के लिए सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। इस पर अतिरिक्त लागत पड़ने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। इसलिए सरकार को व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुल्क को स्थायी रूप से लागू नहीं करने पर विचार करना चाहिए।