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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के श्रीपट्टी गांव की 12 वर्षीय अनन्या मिश्रा का अंडर-17 और अंडर-19 स्टेट लेवल महिला क्रिकेट टीम के लिए चयन हुआ है. खेतों में अभ्यास से शुरुआत करने वाली अनन्या ने आरपी क्रिकेट क्लब में करीब छह महीने तक कड़ी मेहनत की. अब उनका सपना देश के लिए क्रिकेट खेलकर परिवार और जिले का नाम रोशन करना है.
मिर्जापुर: कहते हैं कि प्रतिभा नदी के पानी की धारा जैसी होती है. जिस ओर से गुजरती है रास्ते खुद ही बन जाते हैं. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की अनन्या मिश्रा के अंदर भी कुछ इसी तरह की प्रतिभा थी, जहां खुद ही अपना रास्ता उन्होंने बनाया है. 12 साल की अनन्या मिश्रा का चयन स्टेट लेबल अंडर 17 व अंडर 19 वोमेन्स क्रिकेट टीम के लिए हुआ है. जनपद और मंडल स्तरीय क्वालिफिकेशन के बाद अब राज्य स्तर पर अनन्या नेतृत्व करती नज़र आएगी. हरिद्वार में आयोजित क्रिकेट लीग में यूपी की ओर से खेलती हुईं नजर आ सकती हैं.
मिर्जापुर के कोन ब्लॉक के श्रीपट्टी गांव की रहने वाली अनन्या मिश्रा ने खेतों से प्रैक्टिस शुरू की. खेत में मैदान बनाकर उन्होंने जितोड़ मेहनत की. बिटिया की प्रतिभा को देखते हुए परिवार के लोगों ने क्रिकेट क्लब जॉइन करा दिया. आरपी क्रिकेट क्लब की ओर से कोच के द्वारा प्रैक्टिस दी जाने लगी. करीब 6 महीने में अनन्या ने खूब मेहनत की. सुबह 5 से 8 बजे तक और शाम में 4 से 7 बजे तक पसीना बहाया, जहां चयन ट्रायल में सेलेक्ट होने के बाद प्रदेश का नेतृत्व करती हुई नजर आ सकती है.
डर हुआ खत्म
अनन्या ने बताया कि क्रिकेट खेलने का शौक हमेशा से रहा है. पहले भैया लोगों के साथ हम भी क्रिकेट खेलने के लिए जाते थे. हमारी बैटिंग देखकर उनके द्वारा ही क्रिकेट खेलने के लिए कहा गया. पापा ने मेरा दाखिला क्लब में कराया, जिसके बाद खूब मेहनत की. मेरा सलेक्शन स्टेट लेवल पर हुआ है. मुझे बहुत ही खुशी है. क्रिकेट में मेरा फेवरेट खिलाड़ी विराट कोहली और स्मृति मंधाना है, लेकिन मुझे किसी की तरह नहीं खुद के लिए खेलना है. खुद नाम बनाना है. मेरे मम्मी और पापा खूब सहयोग देते हैं. पहले तेज गेंद देखकर डर लगता था, लेकिन मेरे कोच ने हर डरने वाली चीज पर मेहनत कराई और मजबूत बनाया.
कोच की मेहनत
पिता विमल मिश्रा ने बताया कि बेटी का मन पहले से ही क्रिकेट खेलने का था. उनकी इच्छा पर मैंने स्वयं क्रिकेट की प्रैक्टिस शुरु कराई. बिटिया ने लग्न के साथ खेला और उसे सफलता मिली है. बेटी के सफल होने में उनके कोच का बड़ा योगदान है. जितना मेहनत बिटिया ने किया है, उससे कहीं ज्यादा मेहनत कोच ने किया. बेटी का सलेक्शन अंडर 17 व अंडर 19 स्टेट के लिए हुआ है. हम चाहते हैं कि देश के लिए खेलें और नाम रोशन करें.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…
