संवाददाता@मनीष कुमार…..…

मानसून के आगमन के साथ ही दुद्धी क्षेत्र में सांपों के काटने की घटनाएँ बढ़ गई हैं। रविवार देर शाम और सोमवार सुबह दो अलग‑अलग घटनाओं में एक महिला और एक किशोरी को सांप ने डस लिया। इसके अलावा सोमवार शाम को धान की रोपाई के दौरान एक और किशोरी को काटे जाने की घटना सामने आई , सभी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में उपचार जारी है।
पहला मामला रविवार देर शाम उस समय की है जब 35 वर्षीय फूलमती पत्नी संत कुमार निवासी ग्राम कोड़रा थाना हाथीनाला, शाम करीब 7 बजे अपने बेटे को ढूँढने निकली थीं। रास्ते में अज्ञात सर्प ने उन्हें काट लिया। परिजनों ने तत्काल निजी साधन से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है।
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार फूलमती की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर बतायी जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
दूसरा मामला सोमवार सुबह लगभग 6 बजे का है जब 14 वर्षीय आकांक्षा पुत्री सुभाष कुशवाहा निवासी रजखड़ खेत की ओर जा रही थी। रास्ते में रसेल वाइपर (जाड़ा) साँप ने उसे दाया पैर में डस लिया।

परिजन बिना समय गंवाए उसे निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी लेकर पहुंचे, जहाँ डॉ. मनोहर सिंह की देख‑रेख में उसका उपचार जारी है। चिकित्सक का कहना है कि किशोरी की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और आवश्यक एंटीवेनम तथा जरूरी दवाइयों के साथ निगरानी रखी जा रही है।
तीसरी घटना सोमवार शाम लगभग 4 बजे पिपरडीह निवासी 17 वर्षीय सुबसिया कुमारी पुत्री रामा के साथ घटी। सुबसिया अपने खेत में धान की रोपाई कर रही थी कि उसी दौरान अज्ञात विषैले जंतु ने उसे हाथ में काट लिया। परिजन तुरंत उसे सीएचसी दुद्धी पहुंचाए, जहाँ डॉ. मनोहर सिंह की देख‑रेख में उसका भी इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि उसका भी उपचार सामान्य प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है और स्थिति नियंत्रित बतायी जा रही है।
स्थानीय जानकारों व अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि मानसून के कारण सांपों की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों में दुद्धी क्षेत्र से रोजाना 1 से 3 तक सांप के काटने की घटनाओं की सूचना मिल रही है।उनका कहना है कि खेतों में काम करते समय, अंधेरे में घर से बाहर निकलते समय और झाड़ियों या घास में चलते समय सावधानी न रखने पर ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि किसी भी सांप या जहरीले जंतुओं के काटने की स्थिति में घरेलू उपचार के चक्कर में न पड़े। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने से मरीज की जान बच सकती है।





