मुख्य संवाददाता@सौरभ गोस्वामी….

भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ महताब आलम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी ओबरा को ज्ञापन सौपा गया।इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक सिंह की पुनः तैनाती, स्थानांतरण नीति के संभावित उल्लंघन तथा ग्राम पंचायत परसोई सहित अन्य ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग किया है।
ज्ञापन में मांग की गई कि ग्राम पंचायत परसोई सहित संबंधित ग्राम पंचायतों में कराए गए रीबोर हैंडपंप मरम्मत एवं पुनर्स्थापन तथा अन्य विकास कार्यों की तकनीकी, वित्तीय एवं गुणवत्तापरक जांच किसी स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सभी कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं वित्तीय नियमों के अनुरूप हुए हैं या नहीं।
इसके साथ ही लगभग आठ वर्षों तक एक ही विकास खंड में कार्यरत रहने के बाद पुनः उसी विकास खंड में तैनाती किन परिस्थितियों में और किस सक्षम अधिकारी की स्वीकृति से की गई, इसकी भी जांच कराने की मांग की गई।ज्ञापन में जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर उत्तरदायित्व तय करने की मांग उठाई गई। मौके पर महताब आलम ने कहा कि जिले के कुछ अधिकारी खुलेआम शासन के मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

ऐसे अधिकारियों की शिकायत प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग से की जाएगी। कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, स्थानांतरण नीति के उल्लंघन अथवा भ्रष्टाचार के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौपने में शिब्बु शेख, संतोष कनौजिया, सोनी खान, विकास कुमार गौड़, शरीफ खान, शंभू पटेल, प्रकाश पटेल, जलालुद्दीन अंसारी, चंद्रशेखर माली, दिनेश केसरी, राजकुमार, मोहम्मद इशराइल आदि शामिल रहे।





