संवाददाता@विशाल टंडन…..
— 30 जुलाई से शुरू होगी 28 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा, 70 किलोमीटर नंगे पांव तय करते हैं श्रद्धालु
— हाईवे की सुरक्षित लेन में खड़े वाहन और बिखरी गिट्टियों से कांवरियों को परेशानी, फ्लाईओवर की सर्विस लेन भी बदहाल

सावन माह में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा है। लाखों श्रद्धालु विजयगढ़ किला स्थित श्रीराम सरोवर से पवित्र जल लेकर करीब 70 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर घोरावल स्थित प्रसिद्ध शिवद्वार मंदिर में भगवान श्री उमा महेश्वर को जल अर्पित करते हैं। इस दौरान श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा करते हैं। बोल बम कांवरिये पैदल चलते हुए यात्रा पूरी करते हैं, जबकि डाक बम कांवरिये लगातार दौड़ते हुए ‘बोल बम’ और ‘डाक बम’ के जयकारे लगाते हुए शिवद्वार पहुंचते हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार तैयारियां की जा रही हैं। हालांकि, यात्रा मार्ग की मौजूदा स्थिति कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। चुर्क होते हुए रॉबर्ट्सगंज के चुर्क तिराहे से वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर पहुंचने वाले कांवरियों के लिए एक लेन सुरक्षित रखी जाती है। लेकिन इस लेन में जगह-जगह गिट्टियां बिखरी हुई हैं, जो नंगे पांव चलने वाले श्रद्धालुओं के पैरों में चुभ सकती हैं।

इसके अलावा कई स्थानों पर अनाधिकृत रूप से खड़े वाहन भी सुरक्षित लेन में आवागमन में बाधा बनते हैं।रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित फ्लाईओवर की सर्विस लेन की स्थिति भी श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कीर्तिपाली हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, साई हॉस्पिटल, नवीन सब्जी मंडी गेट के सामने और धर्मशाला चौराहा सहित कई स्थानों पर सड़क पर गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ माह पूर्व ही इस मार्ग की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद सड़क फिर से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है।

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे की सुरक्षित लेन से बिखरी गिट्टियां हटाने, वहां खड़े अनाधिकृत वाहनों को हटाने और फ्लाईओवर की सर्विस लेन में बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति उन्हें कठिन से कठिन रास्ता पार करने की शक्ति देती है, लेकिन सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।






