नई दिल्ली. भारतीय एथलीटों का एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन जारी है. गुरुवार का दिन भारत के लिए पदकों और ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा, जहां एथलेटिक्स, शूटिंग, रोइंग और वुशू में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना परचम लहराया. इसके साथ ही कबड्डी, हॉकी और स्क्वैश में भी भारत ने अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा. भारत ने इस एशियन गेम्स में अभी तक 17 मेडल अपने नाम कर लिए हैं जिसमें एक गोल्ड और सात सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.
एथलेटिक्स में भारत ने दो पदक जीतकर अपने अभियान की दमदार शुरुआत की. भारत के लिए पहला एथलेटिक्स पदक 25 वर्षीय सीमा कुमारी (Seema Kumari) ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में दिलाया. उन्होंने 32:50.05 का समय निकालते हुए कांस्य पदक हासिल किया. एशियाई खेलों की महिला 10,000 मीटर स्पर्धा में 2010 के बाद भारत का यह पहला पदक है. वर्ष 2010 में प्रीजा श्रीधरन ने स्वर्ण और कविता राउत ने रजत पदक जीता था. इस स्पर्धा का स्वर्ण बहरीन की विनफ्रेड यावी (32:39.18) और रजत जापान की नोजोमी तनाका (32:41.54) ने जीता.
रिले टीम का रजत और विवाद का अंत
मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम ने भी भारत के पदक के सिलसिले को बरकरार रखा. टीएस मनु, एमआर पूवम्मा, विशाल टीके और विथ्या रामराज की भारतीय चौकड़ी ने 3:14.46 का समय निकालकर रजत पदक अपने नाम किया. बहरीन ने 3:12.87 के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता. इस स्पर्धा में भारत का यह लगातार तीसरा पदक है; इससे पहले भारत ने 2018 में स्वर्ण और पिछले संस्करण में रजत पदक जीता था. यूएई द्वारा दर्ज कराई गई विरोध याचिका के कारण कुछ समय के लिए परिणाम अनधिकृत रखा गया था, लेकिन बाद में यूएई के अयोग्य घोषित होने पर भारत का रजत पदक आधिकारिक हो गया.
स्कीट शूटिंग में ऐतिहासिक कांस्य
निशानेबाजी के मिक्स्ड टीम स्कीट इवेंट में अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज़ धालीवाल की जोड़ी ने ऐतिहासिक कांस्य पदक पर निशाना साधा. एशियाई खेलों के मिक्स्ड टीम स्कीट में भारत का यह पहला पदक है. इसके साथ ही भारतीय स्कीट टीम ने महज दो दिनों में कुल तीन पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया. इससे पहले पुरुषों की टीम (अनंतजीत, भवतेघ सिंह गिल, मेराज अहमद खान) और महिलाओं की टीम (परिनाज, राइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान) ने भी कांस्य पदक हासिल किए थे.
वुशू में रोशिबिना की ऐतिहासिक सफलता
वुशू में रोशिबिना देवी नाओरम ने इतिहास रचते हुए एशियाई खेलों में अपना दूसरा लगातार रजत पदक जीता. महिलाओं के 60 किग्रा सांडा फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से 0-2 (कुल 10-0 अंक) से हार का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही रोशिबिना तीन एशियाई खेल पदक (2018 में कांस्य, 2023 और वर्तमान में रजत) जीतने वाली भारत की सबसे सफल वुशू खिलाड़ी बन गईं. दिलचस्प बात यह है कि रोशिबिना शुरुआती चयन ट्रायल्स हार गई थीं, लेकिन दिव्यांशी चौधरी के घायल होने के बाद उन्हें टीम में मौका मिला.
रोइंग में भारत को पहला पदक
रोइंग (नौकायन) में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों के डबल स्कल्स में 6:13.25 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता. इस स्पर्धा में भारत का यह पहला एशियाई खेल पदक है. दौड़ के 1,500 मीटर तक भारतीय जोड़ी दूसरे स्थान पर थी, लेकिन अंतिम 500 मीटर में पिछड़कर तीसरे स्थान पर रही. इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन और रजत उज्बेकिस्तान ने जीता.
ट्रिपल जंप और 100 मीटर में भारतीय चुनौती
ट्रैक एवं फील्ड के अन्य मुकाबलों में आशा इलांगो महिलाओं की ट्रिपल जंप में मामूली अंतर से पदक से चूक गईं. उन्होंने 13.83 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, जो चीन की यी ली के बराबर थी. हालांकि, दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रयास में चीनी एथलीट (13.79 मीटर) आशा (13.65 मीटर) से आगे निकल गईं और आशा चौथे स्थान पर रहीं. पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में अनिमेश कुजूर (10.36 सेकंड) और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक गुरिंदरवीर सिंह (10.38 सेकंड) अपनी-अपनी हीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं.
कबड्डी में सेमीफाइनल का टिकट
टीम खेलों में भारत का दबदबा बरकरार रहा. डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय पुरुषों की कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को 37-21 से और महिला टीम ने जापान को 50-25 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और भारत का कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया.
हॉकी में कोरिया की करारी हार
पुरुष हॉकी स्पर्धा में भारत ने अपना विजयी अभियान जारी रखते हुए कोरिया को 8-2 से करारी शिकस्त दी. दिलप्रीत सिंह ने 10वें, 26वें और 32वें मिनट में गोल दागकर हैटट्रिक जमाई. उनके अलावा अभिषेक ने दो गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा, हरमनप्रीत सिंह और राजिंदर सिंह ने एक-एक गोल दागा. यह भारत की लगातार तीसरी जीत है, जिसके दम पर वह पूल A में शीर्ष पर बना हुआ है.
स्क्वैश में खिलाड़ियों का दबदबा
स्क्वैश में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा दिखाया. महिला एकल में अनाहत सिंह ने सिंगापुर की वाई इन्न आउ योंग को 3-0 से और तन्वी खन्ना ने वाई ह्न्न आउ योंग को 3-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जहां अब दोनों भारतीय खिलाड़ी आपस में भिड़ेंगी. पुरुष एकल में अभय सिंह और वीर चोतरानी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. इसके अलावा मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार भी अंतिम आठ में पहुंच गए हैं.
