संवाददाता@मिथिलेश जायसवाल….

पूर्व सूचना के अनुसार उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ब्लॉक स्तरीय बैठक शुक्रवार को बीआरसी परिसर कोन स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ चौधरी ने की, जबकि ब्लॉक अध्यक्ष मिथिलेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में बैठक संपन्न हुई।
संगठन विस्तार के क्रम में प्राथमिक विद्यालय चाँची कला के प्रभारी प्रधानाध्यापक ईश्वर नारायण एवं प्राथमिक विद्यालय घघिया के प्रभारी प्रधानाध्यापक गोपाल सिंह को संगठन मंत्री, कंपोजिट स्कूल चेरवाडीह के कमलेश कुमार को उपाध्यक्ष तथा कंपोजिट स्कूल करईल के प्रभारी प्रधानाध्यापक शशिभूषण द्विवेदी को प्रचार मंत्री के पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।

वहीं, ब्लॉक के वरिष्ठ शिक्षक श्रवण कुमार को जिला अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ चौधरी द्वारा ब्लॉक संरक्षक के रूप में नामित किया गया। श्रवण कुमार पूर्व में लंबे समय तक चोपन ब्लॉक में एबीआरसी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह ब्लॉक मुख्यालय स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कोन में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
बैठक में 16,448 बैच के शिक्षकों के चयन वेतनमान को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिला अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ चौधरी ने उपस्थित शिक्षक साथियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस बैच के शिक्षकों का चयन वेतनमान लगवाने की जिम्मेदारी संगठन की है। उन्होंने शिक्षक साथियों से संगठन पर विश्वास बनाए रखने और अपनी समस्याओं को संगठन के समक्ष रखने की अपील की।
जिला अध्यक्ष ने संगठन की भूमिका, शिक्षक हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा संगठन की एकजुटता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिला प्रवक्ता आशुतोष सिंह ने भी बैठक को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती और शिक्षक हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने पर अपने विचार रखे।

बैठक में जिला मीडिया प्रभारी गयासुद्दीन आजाद, जिला संगठन मंत्री राजू सिंह, जिला प्रचार मंत्री काशिफ हुसैन, जिला अकॉउटेंट शाहिद परवेज मंसूरी,जिला उपाध्यक्ष सह ब्लॉक मंत्री राधेश्याम,वरिष्ठ ब्लॉक उपाध्यक्ष विश्व प्रसाद,ब्लॉक संयुक्त मंत्री शकील अहमद,ब्लॉक कोषाध्यक्ष जैनुल आब्दीन सहित विनोद यादव, राहुल कुलश्रेष्ठ, मोहनकांत मिश्रा, प्रदीप यादव, यतिन्द्र नाथ समेत दर्जनों शिक्षक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में संगठन को ब्लॉक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने तथा शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने पर जोर दिया गया।