लखनऊ : अपनी बहन और बुआ के साथ मैं सुबह साढे़ 5 से 6 बजे के बीच चाय पीने गई थी. तभी अचानक मुझे मेरा बॉयफ्रेंड शाहनवाज दिखा. वह अपने दोस्त दानिश के साथ था, जिसके साथ दो लड़कियां भी थीं. मैंने उससे पूछा कि ये दो लड़कियां कौन हैं? तो वह मुझ पर चिल्लाने लगा. मुझसे कहने लगा, यहां क्या कर रही हो, चलो यहां से. वह गाड़ी आगे बढ़ाने लगा. मैंने उसको रोकने की कोशिश की, लेकिन वह गाड़ी आगे बढ़ाता गया. मैंने उसकी गाड़ी का वाइपर पकड़ लिया, लेकिन वह रुका नहीं बल्कि कार आगे बढ़ाता गया. मेरे हाथ में निशान है, शीशे के पास में मेरा हाथ दब गया था. मैं जमीन पर गिर गई. उसकी वजह से मुझे बहुत चोटें आई हैं. गाड़ी मेरे ऊपर चढ़ते-चढ़ते बच गई. मैं घसीटते-घसीटते जमीन पर गिर गई. अगर पीछे से कोई गाड़ी आ जाती है या गाड़ी का पहिया लग जाता, तो मैं मर जाती.
ये बात लखनऊ के हिट एंड रन केस की पीड़िता अनामिका ने न्यूज 18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कही. उससे जब पूछा गया कि ऐसा क्यों किया? तो उसने कहा कि यह सवाल तो शाहनवाज से पूछा जाना चाहिए कि उसने आखिर मेरे साथ ऐसा क्यों किया. रिलेशनशिप एक साल से चल रहा है. स्टार्टिंग में जब हम मिले थे, तब इसने मुझे जलबा क्लब में देखा था. वहीं पर हम मिले थे. उस समय उसने मुझे अपना नाम शाहनवाज भी नहीं बताया था बल्कि आयुष ठाकुर बताया था. पता भी नहीं बताया था कि वह लखनऊ का है. मुझे बताया था कि आजमगढ़ का है.
नाम-पता बदलकर मिला
पीड़िता ने आगे नम आंखों से कहा कि मुझसे नाम-पता बदलकर मिला. हमारी कुछ समय तक बात हुई. हम एक दूसरे से मिलते रहे. तीन-चार महीने बाद मुझे पता चला कि इसका सही नाम यह नहीं है. आधार कार्ड उसने कभी दिखाया नहीं. हाल ही मुझे आधार कार्ड दिया था. इंस्टाग्राम आईडी वगैरह चेक की थी. वहां पर इसका नमाज अली नाम लिखा था. पूछने पर बताने कहने लगा कि मैं आपको बताने वाला था, लेकिन मौका नहीं लगा. सॉरी, माफ कर दो. यह सब नहीं करना चाहता था. इसके बाद फिर हमारे बीच लड़ाइयां होने लगी. उसने ब्लॉक कर दिया. फिर अनब्लॉक किया और बात होने लगी. मुझे 2 जुलाई को बहुत मारा. उस दिन की भी अगर सीसीटीवी फुटेज शहीद पथ की निकाल लें तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी. उस दिन भी बीच सड़क पर मुझे बहुत मारा था.
‘मुझे भी चीट कर रहा था’
उसने आगे कहा कि यह क्लब वगैरह जाता था. लड़ाई-झगड़ा होता था. इस बात को लेकर मारता था बहुत. लड़कियों से मिलता था. मुझे भी चीट कर रहा था, कई लड़कियों को भी चीट कर रहा था. मुझे उनके बारे में नहीं पता है. कई बार मैंने चैट भी पड़ी कई लड़कियों की. शिवाली ठाकुर… एक लड़की थी. चैट डिलीट कर देता था. अभी 10 दिन से मेरी इससे बात नहीं हो रही थी. इसलिए मैं इसके घर भी गई थी, लेकिन उसके घर वालों ने कुछ बताया नहीं. पर यह घर पर ही था. उल्टा मुझे यह बोला कि अगर मेरा लड़का नहीं मिला, तो तुम पर कंप्लेंट करेंगे. उसके भाई ने बोला कि मेरा अगर भाई नहीं मिला तो… मैं चुप हो गई और वहां से चली आई.
उसने आगे बताया कि जब वह मुझे अचानक से लड़कियों के साथ दिखा तो मैंने उससे पूछ लिया. उतने में उसने मुझ पर गाड़ी चला दी. यहां तक कि गाड़ी रोकी तक नही और स्पीड में भाग गया. वहां जो लोग खड़े थे, लड़के, लड़कियां और मेरी बुआ, उन लोगों ने उठाकर मुझे अस्पताल पहुंचाया. इतना ही नहीं अनामिका ने यह भी आरोप लगाया कि शानवाज ने उसके पर्सनल वीडियो वायरल किए. उसे मारा था, जबरदस्ती उसके वीडियो बनवाए थे.
सोचने वाली बात है…
उसने कहा, किसी भी लड़की या लड़के में इतनी हिम्मत है कि उसे जबरदस्ती मार-तोड़कर उसका नंबर ले सकता है? सोचने वाली बात है या नहीं? उसने मेरा वीडियो बनवाया, फिर वायरल कर दिया. इसका दोस्त शरीफ मेरे घर आया था. वह मुझे धमकी दे रहा था कि अगर तुमने सलाह नहीं की, तो हम वीडियो वायरल कर देंगे. घटना के बाद धमकी मिल रही है. धमकी देकर गया था. मैंने सलाह नहीं की तो शाम में ही मेरे वीडियो वायरल कर दिए.
उसने यह भी कहा कि घटना होने के बाद भी यह लोग मुझे धमकी दे रहे हैं. जिस दिन यह हुआ है, उसी दिन धमकी दी गई. नई-नई ऑडियो से मेरे वीडियो वगैरह अपलोड करवा रहे हैं. नई-नई आईडी बन रही है. मैं खुद अच्छी तरह जानती हूँ, जिनके जीरो फॉलोअर हैं. यह तो यही हुआ, यह लोग नई आईडी बनाकर यह वीडियो डाल रहे हैं. अगर कोई पुरानी आईडी होगी, तो उसका जीरो फॉलोअर होगा? बेफालतू की बातें की, मार देना चाहिए था आज मेरे साथ हुआ, कल किसी और के साथ भी हो सकता है. चलो, वह कोई भी कमेंट कर रहा हो, तब भी ऐसे लोग बोलेंगे. आप बताइए, मेरे इतनी सारी चोट आई है. मैं आपको दिखा नहीं सकती हूं. मैं दर्द में कांप रही हूँ. मेरी इतनी रिक्वेस्ट है सबसे कि जो दोषी हैं, इनका जो दोस्त था दानिश, उसको जल्दी से जल्दी गिरफ्तार किया जाए और इन लोगों पर कठिन से कठिन कार्रवाई की जाए. इन लोगों के ऊपर बुलडोजर एक्शन होना चाहिए.
परिवार भी काफी मुश्किल दौर से गुजर रहा
पीड़िता का कहना है कि उसके पास भी आरोपियों के कई फोटो और वीडियो थे, लेकिन उसने उन्हें कभी सार्वजनिक नहीं किया. आरोपियों के साथ काफी समय तक रही थी और उनके निजी जीवन के बारे में कई बातें जानती है. अनामिका ने कहा कि घटना के बाद से उसका परिवार भी काफी मुश्किल दौर से गुजर रहा है. सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ की जा रही टिप्पणियों से वह मानसिक रूप से परेशान है. लोगों ने उसकी पूरी कहानी जाने बिना उसके बारे में गलत बातें कहीं. उसने कहा कि मामले में फरार बताए जा रहे दानिश को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो. उसने आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की. उसके साथ जो हुआ, वह किसी दूसरी लड़की के साथ नहीं होना चाहिए. उसने पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा और इंसाफ की मांग की है.
