मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…..
— प्रशिक्षण कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने रखी समस्याएं, 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग

रॉबर्ट्सगंज नगर के उरमौरा स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में की गई घोषणाओं का स्वागत किया गया, लेकिन बढ़े मानदेय के भुगतान की व्यवस्था को लेकर कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए। संघ ने 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग की।

जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये की बढ़ोतरी और मानदेय में वृद्धि की घोषणा स्वागत योग्य है। इसके लिए सरकार का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि घोषित बढ़ोतरी में 1500 रुपये मूल मानदेय और 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में शामिल हैं।

प्रोत्साहन राशि के भुगतान में पूर्व से ही अनियमितता रही है। कई जनपदों में महीनों की राशि बकाया है। कहीं एक-दो महीने का भुगतान छह महीने बाद तो कहीं सालभर बाद होने की शिकायत है।

उन्होंने कहा कि यदि 2500 रुपये की राशि मूल मानदेय में शामिल कर दी जाए तो हर माह निश्चित भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। इससे कार्यकर्ताओं को आर्थिक परेशानियों से राहत मिलेगी।

कार्यकर्ताओं ने पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से जीपीएस आधारित उपस्थिति व्यवस्था को भी व्यावहारिक कठिनाइयों वाला बताया। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, मोबाइल रिचार्ज का खर्च तथा विभागीय बैठकों और प्रशिक्षण के लिए केंद्र से बाहर जाने के कारण उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत आती है। संघ ने जीपीएस व्यवस्था में आवश्यक सुधार की मांग की।

इस दौरान साधना विश्वकर्मा, सीमा, रेखा, शकुंतला, ममता पाठक, दीप्ती, सोनम, गीता, इंदु, संतरा, शशि किरण, प्रियंका, जानकी, इंद्रवती, रंजना, संध्या, विभा, सोनी, मधु, बिन्दा, मीरा, निशा, मनोरमा, आदि मौजूद रहीं।
