मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन….
— परिजनों ने डायग्नोस्टिक सेंटर पर लगाया लापरवाही का आरोप, डॉक्टर ने कहा—पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहा था मरीज

रॉबर्ट्सगंज। नगर के स्वर्ण जयंती चौक स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे ओबरा के बिल्ली निवासी रूप नारायण की जांच के इंतजार में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने सेंटर के बाहर शव रखकर जांच में देरी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए कहा।
मृतक की पत्नी फूलकुमारी के अनुसार शुक्रवार सुबह पति के पेट में तेज दर्द हुआ। पास के डॉक्टर को दिखाने पर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। इसके बाद वह दोपहर करीब 12 बजे पति को लेकर स्वर्ण जयंती चौक स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचीं।


उनका आरोप है कि काउंटर पर इमरजेंसी की जानकारी देने के बावजूद तत्काल जांच नहीं की गई और करीब चार घंटे तक इंतजार कराया गया। इस दौरान रूप नारायण की हालत बिगड़ती चली गई। बाद में सूचना मिलने पर आनन-फानन में अल्ट्रासाउंड किया गया, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।

फूलकुमारी ने कहा कि परिवार में तीन बेटियां हैं और पति ही कमाने वाले थे। यदि समय पर जांच हो जाती तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
वहीं अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर आरo एसo सिंह का कहना था कि मरीज पहले से गंभीर समस्या से पीड़ित था। उनके अनुसार इमरजेंसी की जानकारी मिलने पर अल्ट्रासाउंड कराया गया और परिजन मरीज को लेकर चले गए, जहां रास्ते में उसकी मौत हुई।

उनका कहना था कि चिकित्सक द्वारा इमरजेंसी लिखे जाने पर जांच तत्काल की जाती है। सूचना पर पहुंचे रॉबर्ट्सगंज थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम कराने के लिए बार बार कहा लेकिन परिजन शव लेकर ओबरा चले गए।
