संवाददाता@वीरेंद्र यादव…..

साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था सोन संगम के तत्वावधान में अवधी एवं हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि स्वर्गीय डॉ. शालिग्राम शर्मा की जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार शाम विद्युत विहार आवासीय परिसर, शक्तिनगर में सम्मान समारोह एवं काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनटीपीसी शक्तिनगर के उप महाप्रबंधक मानव संसाधन-राजभाषा एवं प्रख्यात कवि डॉ. ओमप्रकाश को हिंदी भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2026 के सातवें ‘माटी महकी’ सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एआरएम विंध्यनगर डिपो नागेंद्र पांडेय रहे, जबकि अध्यक्षता लोककवि जगदीश पंथी ने की। अवधूत भगवान राम महाविद्यालय अनपरा के प्राचार्य डॉ. अजय विक्रम विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय डॉ. शालिग्राम शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सतीश सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और चंद्रशेखर जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. शर्मा के पुत्र डॉ. योगेंद्र मिश्र ने उनकी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया।
सम्मान के बाद डॉ. ओमप्रकाश ने अपनी चर्चित रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया। उनके कविता संग्रह ‘विदा होती बेटियां’ की शीर्षक कविता की पंक्तियां ‘विदा होती जाती हैं बेटियां, जैसे विदा हो जाती है आंगन की धूप’ ने माहौल को संवेदनाओं से भर दिया। उनकी अन्य रचनाओं ने भी श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।

लोककवि जगदीश पंथी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोकजीवन और माटी की सोंधी खुशबू बिखेरी। माहिर मिर्जापुरी, डॉ. योगेंद्र मिश्र, डॉ. अजय विक्रम, डॉ. देवेंद्र श्रीवास्तव, सचिन मिश्र, रमाकांत पांडेय, बहर बनारसी और विजयलक्ष्मी पटेल सहित अन्य कवियों ने भी काव्य पाठ किया। खड़ी बोली के साथ लोकभाषाओं की रचनाओं ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. मानिक चंद पांडेय ने किया। इस दौरान सोन संगम के कार्यकारी अध्यक्ष विजय दुबे समेत क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।