मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के जिला संयोजक लक्ष्मी नारायण के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर जनगणना-2027 में ओबीसी के लिए अलग विकल्प उपलब्ध कराने तथा जातिवार जनसंख्या की वैज्ञानिक, सटीक और विश्वसनीय गणना के लिए कोड आधारित मानकीकृत प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

मोर्चा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जनगणना-2027 में जातिवार जनसंख्या की गणना कराने का निर्णय समावेशी नीति-निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन ओबीसी के लिए अलग विकल्प नहीं दिए जाने से आंकड़ों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

संगठन ने ओपन कॉलम व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे एक ही जाति के अलग-अलग नाम दर्ज होने की संभावना रहेगी और वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पाएंगे।ज्ञापन में मांग की गई कि एससी-एसटी की तर्ज पर ओबीसी के लिए भी अलग विकल्प उपलब्ध कराया जाए और इसी तरह की निर्धारित प्रक्रिया से ओबीसी की गणना कराई जाए।

इसके साथ ही राज्यवार आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार करने, प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड देने तथा अनियंत्रित ओपन कॉलम व्यवस्था के स्थान पर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

मोर्चा ने असूचीबद्ध और स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाने तथा जाति संबंधी आंकड़ों के संग्रह, सत्यापन और संकलन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित एवं ऑडिट योग्य बनाने की मांग भी उठाई। धरने में प्रदीप कुमार, वीरेंद्र सिंह, सतीश सिंह, राजेंद्र सिंह, भोलेनाथ और सूर्यभान सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
