संवाददाता@रामकेश यादव…

करमा थाना क्षेत्र के बाजार एवं ग्रामीण इलाकों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की प्रतीक्षा में श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखने को नजर आया। बाजार से लेकर गांवों तक मंदिरों और घरों में आकर्षक सजावट की गई है, जिससे पूरा वातावरण कृष्णमय एवं भक्तिमय हो उठा है।गावों के क्षेत्र के विभिन्न घरों और मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां सजाई गई हैं। कहीं बाल गोपाल को पालने में विराजमान किया गया तो कहीं माता यशोदा की गोद में लल्ला के रूप में श्रीकृष्ण की सुंदर झांकी सजाई गई है। रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत झालरों, फूलों और आकर्षक सजावटी सामग्रियों से मंदिरों एवं पूजा स्थलों को भव्य रूप दिया गया था।
करमा थाना परिसर स्थित मंदिर को भी रंग-बिरंगी झालरों एवं आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। मंदिर की सुंदर सजावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। मंदिर परिसर में भगवान श्रीराधा-कृष्ण के दर्शन एवं पूजन के लिए श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।

नवयुवकों व बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। अनेक स्थानों पर छोटे-छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजाया गया है। नन्हे बालकों को कान्हा के रूप में मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और पीतांबर धारण कराया गया, वहीं बच्चियों को राधा के रूप में सजाया गया। इन मनमोहक स्वरूपों ने जन्माष्टमी के उत्सव में चार चांद लगा दिए हैं।कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही भव्य झांकियां सजाकर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना की । झांकियों में गोकुल की गलिया, नंद भवन, यशोदा मैया और बाल गोपाल की लीलाओं को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया था।
जन्माष्टमी के अवसर पर “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो रहा था। भक्तजन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना करते रहे । घरों और मंदिरों में दीप, धूप और अगरबत्ती की सुगंध के साथ भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि वातावरण को आध्यात्मिक बना रही है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, प्रेम और सद्भाव का संदेश देने वाला पावन अवसर भी है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से मानव समाज को कर्म, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कुल मिलाकर ग्रामीण क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर चारों ओर उत्साह, उमंग और श्रद्धा का माहौल रहा। घर-घर सजी आकर्षक झांकियां, मंदिरों की मनमोहक सजावट और राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चे पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगते नजर आ रहे थे। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मंगल बेला का बेसब्री से इंतजार कर आधी रात को जय कृष्ण का नारा लगाया।
