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Jitendra Sharma Asian Powerlifting Silver Medal: अलवर के पावरलिफ्टर जितेंद्र शर्मा ने चीन में आयोजित एशियाई जूनियर पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा है. चीन में शाकाहारी भोजन न मिलने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 7 दिनों तक सिर्फ तरबूज और भुट्टे खाकर अपनी प्रैक्टिस जारी रखी. 5 साल की कड़ी मेहनत का फल उन्हें रजत पदक के रूप में मिला है. अब जितेंद्र की नजरें हैदराबाद नेशनल चैंपियनशिप और आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स पर टिकी हैं. उनकी यह कहानी संघर्ष और सफलता का बेहतरीन उदाहरण है.
Alwar News: खेल के मैदान में जज्बे और जुनून का कोई विकल्प नहीं होता है. इसे साबित कर दिखाया है राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले युवा पावरलिफ्टर जितेंद्र शर्मा ने. हाल ही में चीन में आयोजित ‘एशियाई जूनियर पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप’ में जितेंद्र ने न केवल हिस्सा लिया, बल्कि रजत पदक (Silver Medal) जीतकर भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. जितेंद्र की यह जीत सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक कड़ा संघर्ष और अटूट संकल्प की कहानी छिपी है.
जितेंद्र शर्मा 8 मई को चीन में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रवाना हुए थे. 14 मई को उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. हालांकि, उनके लिए यह सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा. जितेंद्र ने बताया कि चीन में उन्हें अपने अनुकूल शाकाहारी भोजन (Vegetarian Food) की भारी कमी महसूस हुई. वहां की परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने के बजाय उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया.
तरबूज और भुट्टे के सहारे जारी रखी प्रैक्टिस
एक एथलीट के लिए सही डाइट बहुत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन जितेंद्र ने हार नहीं मानी. उन्होंने लगातार 7 दिनों तक केवल तरबूज और उबले हुए मक्का (भुट्टे) खाकर अपना गुजारा किया. बिना किसी शिकायत के, इसी डाइट के सहारे उन्होंने अपनी ट्रेनिंग और प्रैक्टिस को जारी रखा. उनकी यह तपस्या अंततः रंग लाई और उन्होंने एशियन स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया.
अगला लक्ष्य गोल्ड और कॉमनवेल्थ की तैयारी
जितेंद्र के कोच और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशीष जैमन ने बताया कि जितेंद्र पिछले 5 वर्षों से लगातार मेहनत कर रहे हैं. वे पांच बार राष्ट्रीय स्तरीय चैंपियनशिप में विजेता रह चुके हैं. कोच के अनुसार, जितेंद्र का अगला लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतना है. फिलहाल, उनकी नजरें जून में हैदराबाद में होने वाली नेशनल लेवल चैंपियनशिप पर हैं. यदि वहां वे पदक जीतने में सफल रहते हैं, तो सितंबर-अक्टूबर में होने वाली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के लिए उनका चयन पक्का हो सकता है.
अलवर में हुआ भव्य स्वागत
अपनी स्वदेश वापसी पर अलवर पहुंचने पर जितेंद्र शर्मा का भव्य स्वागत किया गया. स्थानीय खेल प्रेमियों, परिवार और उनके कोच ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर बधाई दी. जितेंद्र की यह सफलता आने वाले समय में जिले के कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
