संवाददाता@विशाल टंडन……

उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से बुधवार को आशा कार्यकर्ताओं की लंबित मांगों एवं बकाया भुगतान को लेकर जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में 6 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता के बावजूद अब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई गई।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 की प्रोत्साहन राशि, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, आभा आईडी, कुष्ठ रोग, टीबी तथा अन्य स्वास्थ्य अभियानों से संबंधित भुगतान लंबे समय से लंबित हैं। यूनियन ने कहा कि 2019 से 2023 तक राज्य वित्त से घोषित 750 रुपये मासिक की 28 माह की राशि भी आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं को अब तक नहीं मिली है।

कोविड-19 अवधि में घोषित प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी अधूरा बताया गया।ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं से भुगतान के नाम पर होने वाली अवैध वसूली रोकने, निगरानी समिति गठित करने तथा सभी भुगतानों का विवरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सार्वजनिक करने की मांग की गई।

साथ ही दस्तक एवं संचारी रोग अभियान में किए गए कार्य का उचित पारिश्रमिक देने और वर्षों से लंबित जेएसवाई भुगतान तत्काल जारी करने की मांग उठाई गई। इस दौरान उपाध्यक्ष बबीता, सचिव जानकी देवी, कमलावती, अनीशा, निरुपमा, बिंदु, शकुंतला, बुधनी, सुमन, चंदा, नेहा, रिजवाना, कुसुम, रेखा पटेल, सरोज, अंजनी, कंचन, सीता, सुनीता, सरिता, सविता, उर्मिला सहित अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।