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Sonbhadra । पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं सोनभद्र जिला सचिव कामरेड आर.के. शर्मा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आपदा में अवसर तलाशने वाली भाजपा सरकार देश की जनता को महंगाई के गहरे कुएं में धकेलती जा रही है।
सीपीआई नेता आर.के. शर्मा ने पेट्रोल और डीजल के दामों में तीन रुपये से अधिक की बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार जनता की परेशानियों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दो महीनों से प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे, जबकि देश की आर्थिक और विदेश नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी की जाती रही। उन्होंने कहा कि तेल वर्चस्व को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। हालांकि अन्य देशों में स्थिति सामान्य बताते हुए उन्होंने दावा किया कि जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी की गई है, जिससे वहां की जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।
कामरेड शर्मा ने आरोप लगाया कि भारत पहले रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और पेट्रोलियम पदार्थों की खरीद करता था, लेकिन अमेरिका के दबाव में केंद्र सरकार ने रूस से तेल आयात कम कर दिया। इसके चलते भारत अन्य देशों पर अधिक निर्भर हो गया, जिससे तेल संकट की स्थिति उत्पन्न हुई और यह केंद्र सरकार की विदेश नीति की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि कर आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। साथ ही रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं तथा कई परिवार फिर से लकड़ी और चूल्हे का सहारा लेने को मजबूर हुए हैं।
सीपीआई नेता ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि पेट्रोलियम एवं वित्त मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए तथा प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।